ZEE जानकारी: देश के लिए बड़ी चुनौतियां हैं ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण

 देश में बहुत सारे लोग आज 1 जनवरी यानी साल के पहले ही दिन बहुत बुरे Traffic Jam में फंस गए . देश की राजधानी दिल्ली सहित... पूरे देश के अलग-अलग शहरों में Traffic Jam ने बहुत सारा वक्त बर्बाद कर दिया .

ZEE जानकारी: देश के लिए बड़ी चुनौतियां हैं ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण

नये साल के बधाई संदेश आज पूरी दुनिया में Trend कर रहे हैं . लेकिन साल के पहले ही दिन समस्याओं और चुनौतियों ने हमारा स्वागत किया है . वैसे अगर चुनौतियां ना हों तो जीवन नीरस हो जाता है . चुनौतियों से लड़ने और समस्याओं को खत्म करने का एक अलग ही मज़ा है . इसीलिए नए साल पर हमें समस्याओं को खत्म करने और चुनौतियों से निपटने का संकल्प लेना चाहिए. आज हम वर्ष 2019 की उन चुनौतियों पर बात करेंगे जिनपर तत्काल प्रभाव से विजय प्राप्त करना देश के लिए बहुत जरूरी है. 

2019 की पहली और सबसे बड़ी चुनौती है Traffic Jam और अतिक्रमण . हमारे देश में बहुत सारे लोग आज 1 जनवरी यानी साल के पहले ही दिन बहुत बुरे Traffic Jam में फंस गए . देश की राजधानी दिल्ली सहित... पूरे देश के अलग-अलग शहरों में Traffic Jam ने बहुत सारा वक्त बर्बाद कर दिया . ज़्यादातर लोगों की आज छुट्टी थी और ये लोग आज Picnic मनाने और नये साल की Party करने के Mood में थे . लेकिन Traffic Jam ने लोगों का Mood Off कर दिया . आज आप दिल्ली को एक Case Study के रूप देखिए.

दिल्ली के बहुत सारे लोग India Gate पर नए साल का जश्न मनाना चाहते थे . इसलिए India Gate के आसपास के इलाकों में ज़बरदस्त Traffic Jam था. लगभग एक लाख से ज्यादा वहां पर इकट्ठा हो गए थे. इसके अलावा क़रीब 38 हज़ार लोग National Zoological Park में नए साल का जश्न मनाने पहुंच गए. और ये अब तक की सबसे बड़ी संख्या थी. इससे अंदाज़ा लगाना आसान है, कि India Gate और उसके आस-पास के इलाकों में हालात कैसे रहे होंगे. 

IIM कोलकाता की एक Study के मुताबिक भारत को Traffic Jam की वजह से हर साल 1 लाख 36 हज़ार करोड़ रुपए का नुकसान होता है. इसमें से 42 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान Traffic Jam से होने वाली देरी की वजह से होता है. और 94 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान पेट्रोल और डीज़ल की बर्बादी से होता है. अब हमें ये विचार करना है कि क्या वर्ष 2019 में भी हम इसी तरह अपने देश के लाखों-करोड़ों रुपये बर्बाद करेंगे. क्या देश का सारा कीमती समय.. ट्रैफिक Jam में ही बर्बाद हो जाएगा? क्या 1 जनवरी 2020 को भी हम इसी तरह दोबारा एक भयानक Traffic Jam का DNA टेस्ट करेंगे? हमें कुछ ऐसा करना होगा कि इसकी नौबत ना आए.

देश की राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक.. आज रेंग रेंगकर चल रहा था. इसके अलावा दिल्ली मेट्रो में इतनी भीड़ हो गई कि कई मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े. दिल्ली पुलिस के निर्देशों के बाद आज दिल्ली में केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, मंडी हाउस और प्रगति मैदान के मेट्रो स्टेशन्स को बंद करना पड़ा. कई स्टेशन्स के बाहर लोगों को Line लगाकर अंदर जाने का इंतज़ार करना पड़ा. भीड़ इतनी ज़्यादा थी, कि जो लोग स्टेशन के अंदर मौजूद थे, उन्हें मेट्रो में घुसने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा. 

Traffic Jam देश की सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन जिन वजहों से Traffic Jam होता है उन्हें हमारा सिस्टम नज़रअंदाज़ कर देता है . Traffic Jam की एक बहुत बड़ी वजह है... अतिक्रमण . अतिक्रमण पर किसी का ध्यान इसलिए नहीं जाता क्योंकि हमारे देश ने अतिक्रमण को स्वीकार कर लिया है . पूरे देश में सड़कों को अवैध रूप से घेर लिया गया है . सड़कों पर पैदल चलने के लिए जगह नहीं बची है . हम लगातार पूरे देश का ध्यान अतिक्रमण वाली समस्या की तरफ खींचते हैं. 2018 में हमें आप सबका बहुत सहयोग मिला और इस वर्ष भी हम 'अतिक्रमण मुक्त भारत' बनाने का अभियान जारी रखेंगे. ये रिपोर्टिंग रुकेगी नहीं.

हम ये भी उम्मीद करते हैं कि अगले एक वर्ष में देश के बड़े शहरों की पार्किंग वाली समस्या भी हल हो जाएगी. अवैध पार्किंग के खिलाफ़ ज़ी न्यूज़ की मुहिम जारी है. क्योंकि हमारे शहरों की हालत ऐसी हो गई है.. कि किसी इमरजेंसी में अगर फायर ब्रिगेड या एंबुलेंस बुलानी पड़ी, तो वो आपको घरों तक नहीं पहुंच पाएंगी. क्योंकि तमाम शहरों की सड़कें और गलियां, अवैध पार्किंग की वजह से पूरी तरह Jam हैं. और इस Jam को हटाने वाला सिस्टम सोया हुआ है. 
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ अपनी मुहिम के तहत हम देश के अलग अलग शहरों में रिपोर्टिंग कर रहे हैं. आज पुणे, कोटा और चंडीगढ़ की बारी है. आज हम इन शहरों का हाल आपको बताएंगे. आपके आसपास अगर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या है तो आप भी हमें वीडियो बनाकर भेजिए. हम Zee News की ख़बरों में और DNA में आपके Videos को शामिल करेंगे.