ZEE जानकारी: क्या आपका मोफाइल फोन कोई और कंट्रोल कर सकता है?

इजरायल में बने एक spyware के ज़रिए Whatsapp को हैक किया गया है और इसके नतीजे काफी डरावने हो सकते हैं. 

ZEE जानकारी:  क्या आपका मोफाइल फोन कोई और कंट्रोल कर सकता है?

आज हमारे पास Whatsapp का इस्तेमाल करने वाले दुनिया के 150 करोड़ लोगों के लिए एक ज़रूरी ख़बर है. इजरायल में बने एक spyware के ज़रिए Whatsapp को हैक किया गया है और इसके नतीजे काफी डरावने हो सकते हैं. ज़रा सोचिये कि अगर कोई हैकर एक software के ज़रिये आपके मोबाइल फोन को नियंत्रित कर ले. और फिर आपके text message, मोबाइल फोन में save की हुई आपकी तस्वीरें, और आपकी वीडियो call जैसी हर गतिविधि हैकर की नज़र में हो, तो आप क्या करेंगे? अगर आप य़े सोचकर whatsapp का इस्तेमाल करते हैं...कि ये सुरक्षित है तो आपको हमारी बातें ध्यान से सुननी चाहिएं.

एक अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक़ whatsapp में इज़रायल में बने एक spyware ने घुसपैठ की है. Spyware का मतलब है.. एक ऐसा software जो कंप्यूटर या मोबाइल से data चोरी करता है. इस तरह का software जासूसी के लिये इस्तेमाल किया जाता है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ जब Whatsapp में ऑडियो कॉल फीचर आया था. तब इज़रायल की एक कंपनी ने एक spyware तैयार किया था. जिसे हैकर बड़ी आसानी से whatsapp इस्तेमाल करने वाले मोबाइल फोन में ट्रांसफर कर देते थे.

जासूसी वाले इस बग के बारे में whatsapp को मई की शुरुआत में पता चला...और दस दिन में कंपनी ने इसका तोड़ भी निकाल लिया है. ताकि ये आपके फ़ोन का डेटा हैक ना कर पायें. इसके लिए WhatsApp ने एक अपडेट जारी किया है. अगर आपने अब तक ये अपडेट नहीं किया है तो देर मत कीजिए.. तुरंत WhatsApp को update कीजिए.

यहां ये जानना बहुत ज़रूरी है कि इस तरह के बग के ज़रिये हैकर आपके फ़ोन को कैसे अपने क़ब्ज़े में ले लेता है. रिपोर्ट के मुताबिक़ किसी के मोबाइल फोन में बग ट्रांसफर करने के लिये हैकर को सिर्फ़ एक whatsapp कॉल करनी पड़ती है. वो सिर्फ़ miss call करके बग को आपके मोबाइल में ट्रांसफर कर सकता है. इसके बाद वो फ़ोन के कैमरा और माइक तक को हैक कर सकता है. इसके ज़रिये हैकर को email से लेकर आपकी लोकेशन तक की पूरी जानकारी मिल सकती है. 

जासूसी वाले बग की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद whatsapp जैसी mobile phone application के सुरक्षित होने पर सवाल उठने लगे हैं. भारत में 25 करोड़ से ज़्यादा लोग इस App का इस्तेमाल करते हैं.

ये information warfare का युग है. पुराने ज़माने में जो युद्ध होते थे वो ज़मीन पर कब्ज़ा करने के लिए होते थे. लेकिन आज के दौर में Data पर कब्ज़े के लिए युद्ध होते हैं. यानी बंदूक़ और गोलियों वाली लड़ाई, के बजाए अब सूचनाएं चुराने वाली लड़ाई चल रही है. इसके लिये spyware और हैकिंग का इस्तेमाल हो रहा है. लोगों के बारे में जानकारी जुटाना और उनका data इकट्ठा करके बाज़ार को प्रभावित करना. ये कई देशों और कंपनियों का सबसे बड़ा निवेश बन चुका है. 

इस बग को तैयार करने वाली इज़रायल की कंपनी, सरकार के लिये काम करती है. उसका कहना है कि ये बग अपराध और आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिये बनाया गया है. अब तक Whatsapp ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि इस spyware से कितने लोगों को निशाना बनाया गया है. 

नोट करने वाली बात ये भी है कि Whatsapp को कई देश असुरक्षित मानते हैं. 12 देशों ने इस application पर पाबंदी लगाई हुई है. इनमें चीन, उत्तर कोरिया, सीरिया, क़तर, UAE और ईरान भी शामिल हैं.