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ZEE जानकारी: जी न्यूज की रिपोर्टिंग से बेचैन हुआ जैश-ए-मोहम्मद

पाकिस्तान के कोने-कोने में इस वक्त आपके पसंदीदा News Channel यानी Zee News को देखने वालों की संख्या बढ़ गई है.

ZEE जानकारी: जी न्यूज की रिपोर्टिंग से बेचैन हुआ जैश-ए-मोहम्मद

पिछले एक महीने से भारत सहित पूरी दुनिया में पुलवामा हमले और उसके बाद बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक के चर्चे हो रहे हैं. जैश ए मोहम्मद और मसूद अज़हर का ज़िक्र हो रहा है. लेकिन, पाकिस्तान के कोने-कोने में इस वक्त आपके पसंदीदा News Channel यानी Zee News को देखने वालों की संख्या बढ़ गई है. इन लोगों में पुलवामा हमले के लिए ज़िम्मेदार जैश ए मोहम्मद और मसूद अज़हर सहित पाकिस्तान की फौज और हाफिज़ सईद जैसे आतंकवादी भी शामिल हैं. जैश ए मोहम्मद ने तो बकायदा Zee News और DNA का नाम लेकर अपनी बेचैनी दिखाई है. 

जैश ए मोहम्मद, अल-कलाम नाम की एक Online Magazine निकालता है. जिसे आप जैश-ए-मोहम्मद का मुखपत्र भी कह सकते हैं. इसमें एक संपादकीय लेख, प्रकाशित किया गया है. जिसका शीर्षक है, Negative And Condemnable Face Of The Indian Media.

इस लेख में Zee News का नाम लिया गया है. आपके पसंदीदा शो DNA का नाम लिया गया है. मेरा नाम लिया गया है. और बलोचिस्तान में पाकिस्तान के पापों का प्रसारण करने वाली Zee News की रिपोर्ट का भी ज़िक्र किया गया है. 

अब आप ये देखिए, कि जैश-ए-मोहम्मद के लेख में Zee News का ज़िक्र करते हुए, किस तरह मसूद अज़हर ने भारत विरोधी एजेंडा चलाने की कोशिश की है.

इस लेख में लिखा है, कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद भारतीय मीडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ माहौल बनाया है. भारत का मीडिया झूठ के सहारे माहौल को हवा दे रहा है. नौबत यहां तक पहुंच गई है कि मीडिया जो भी झूठ बोल दे, वहां की जनता उसे 100 फीसदी सच मान लेती है. इसलिए भारत के मशहूर चैनल Zee News के प्रोग्राम DNA के एंकर सुधीर चौधरी अपने प्रोग्राम में अक्सर इस बात को जोर देकर कहते हैं कि बांग्लादेश को तोड़ने के पीछे भारत का हाथ था और बलोचिस्तान में पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधि को बढ़ाने में, भारत का हाथ है. इस लेख में आगे ये भी लिखा है, कि DNA में खुलकर कहा जाता है कि भारत की सरकार पकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में तेज़ी लाकर.. फिर से पाकिस्तान के टुकड़े कर दे. 

यहां पर ध्यान देने वाली बात ये है, कि अब जैश ए मोहम्मद जैसा संगठन भी Information Warfare के लिए Online Platform का इस्तेमाल कर रहा है. और इसी के माध्यम से वो ना सिर्फ अपनी Reach बढ़ा रहा है. बल्कि अपनी आतंकवादी सोच की Marketing भी कर रहा है. 

अल-क़लाम, जैश ए मोहम्मद की एक Online Magazine है. 

इस Magazine के लिए मसूद अज़हर ने 250 से ज़्यादा Articles लिखे हैं.

मसूद अज़हर ने 27 फरवरी 2019 को, आखिरी बार इस Online Magazine के लिए लेख लिखा था. यानी बालाकोट में भारतीय वायुसेना के हवाई हमले के ठीक एक दिन के बाद. 
अपने 683वें Edition में इस Website पर बालाकोट हमले का ज़िक्र किया गया. और इस लेख का शीर्षक दिया गया....Indians Bombed the Mountains, Claimed To Have Attacked Jaish Leadership

जैश का मुखपत्र, भारत की खुफिया एजेंसी को Un-informed कहता है. Media को Liar यानी झूठा कहता है. और भारत के नेताओं को Cheat कहता है. 

इस Online Magazine का एजेंडा है, कट्टरपंथी विचारधारा वाले लेख प्रकाशित करना. और भारत में होने वाली आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करना. 

इसकी Website पर भारत और कश्मीर से संबंधित कई लेख Upload किए गए हैं. इसके अलावा भारतीय संविधान के आर्टिकल 35-A को लेकर भी, जैश ए मोहम्मद के मुखपत्र ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है. 

इस Magazine की Website पर इसका आधिकारिक पता, रावलपिंडी लिखा है. यहां पर गौर करने वाली बात ये है, कि रावलपिंडी में ही पाकिस्तान की सेना का मुख्यालय है.

अब सवाल ये है, कि क्या जैश-ए-मोहम्मद की Online Magazine में छपने वाले लेखों की Script, पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय में लिखी जाती है.
वैसे जैश ए मोहम्मद आज से नहीं, बल्कि पिछले 20 वर्षों से ही Zee News की राष्ट्रवादी पत्रकारिता से बहुत परेशान है.  

दिसम्बर 1999 में जब मसूद अज़हर को रिहा कराने के लिए जैश के आतंकवादियों ने IC-814 की Hijacking की थी. उस वक्त भी Zee News, जैश और मसूद अज़हर की एक-एक गतिविधि के बारे में देश को सूचित कर रहा था. 20 साल पहले उसकी रिहाई से लेकर पाकिस्तान पहुंचने तक Zee News ने मसूद अज़हर को काफी क़रीब से Track किया था. और उस वक्त पूरी दुनिया ने Zee News के माध्यम से ही इस Hijacking से जुड़े तथ्य अपनी टीवी स्क्रीन पर देखे थे.

20 साल पहले पाकिस्तान लौटने पर मसूद अज़हर का भव्य स्वागत किया गया था. उस वक्त पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के तत्कालीन DG, लेफ्टिनेंट जनरल Mahmud Ahmed खुद गाड़ी चलाकर उसे Receive करने पहुंचे थे. 

9 जनवरी 2000 को मसूद अज़हर बहावलपुर पहुंचा था. उस वक्त पूरी सुरक्षा के बीच इस आतंकवादी ने रैली की थी. Road Show किया था. बंदूकें लहराई थीं. और एक ज़हरीला भाषण दिया था. तब इस आतंकवादी ने पाकिस्तान की सरकार की शह पर ये धमकी दी थी, कि वो कश्मीर में आतंकवाद फैलाने के लिए 5 लाख लोगों को इकट्ठा करेगा. 

इसके ठीक एक हफ्ते पहले मसूद अज़हर ने पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तान की पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच कराची में भी एक रैली की थी. क़रीब 10 हज़ार लोगों की भीड़ के बीच हुई इस रैली में, इस आतंकवादी ने पाकिस्तानी जनता से कश्मीर घाटी में जेहाद शुरु करने की अपील की थी.

आज हमने Zee News की लाइब्रेरी से ये सारी तस्वीरें इसलिए निकालीं, ताकि आप ये समझ सकें, कि जैश या मसूद अज़हर को Zee News से इतनी नफरत क्यों है? देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल ने, 10 साल पहले Zee News को दिए इंटरव्यू में भी इस बात का ज़िक्र किया था. क्योंकि, 1999 में कंधार Hijacking के दौरान भी आतंकवादियों की पहली नज़र Zee News पर होती थी.

सिर्फ मसूद अज़हर ही नहीं, Zee News की रिपोर्टिंग की वजह से आतंकवादी हाफिज़ सईद भी परेशान रहता है. 2016 में उसकी स्थिति और भी बुरी थी. क्योंकि, उस वक्त भारत की Special Forces ने LoC पार करके आतंकवादियों का खात्मा किया था. और इसी के बाद हाफिज़ सईद, हमारी राष्ट्रवादी कवरेज से तिलमिला गया. तब हाफिज़ सईद ने एक रैली में सीधे Zee TV का नाम लिया था और हमें धमकी दी थी.

2016 में जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी, तब पाकिस्तान ज़ी न्यूज़ देख रहा था और अब 2019 में जब Air Strike हुई है, तब भी पाकिस्तान, ज़ी न्यूज़ ही देख रहा है.

ज़ी न्यूज़ के प्रति पाकिस्तान की दिलचस्पी इतनी ज़्यादा है, कि वहां के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी, Pakistan Tehreek-e-Insaf के आधिकारिक Twitter Handle पर भी Zee News और DNA के Videos को Share किया जा रहा है. 
आज हम पाकिस्तान से, मसूद अज़हर से, हाफिज़ सईद से और उसके दोस्तों से ये कहना चाहते हैं, कि Zee News अपनी रिपोर्टिंग और शब्दों की ताकत से इन सभी पर शब्दों वाली स्ट्राइक करता रहेगा. क्योंकि, शब्दों में बहुत ताकत होती है. शब्दों से बड़ी बड़ी सत्ताएं हिल जाती हैं. सिंहासन खाली हो जाते हैं. शब्दों में समाज को बदलने की ताकत होती है. और शब्द इतने नुकीले होते हैं कि पाकिस्तान में बैठे हुए मसूद अज़हर और हाफिज़ सईद जैसे आतंकवादी भी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं. 

हम जानते हैं, कि इस वक्त मसूद अज़हर और जैश ए मोहम्मद का पूरा गैंग Zee News देख रहा होगा. हाफिज़ सईद भी चुपके-चुपके Zee News का लाइव प्रसारण देख रहा होगा. इसलिए आज हम इन सभी आतंकवादियों और उनके आकाओं को सीधा संदेश देना चाहते हैं. कि पूरा हिंदुस्तान तुम्हारे विरोध में खड़ा है. अब आतंकवाद की दुकानें नहीं चलेंगी. आज हिन्दुस्तान की ये आवाज़ आपको सुननी चाहिए 

सिर्फ मसूद अज़हर या हाफिज़ सईद जैसा आतंकवादी ही नहीं. बल्कि पाकिस्तान का मीडिया भी Youtube पर Zee News को Subscribe करके हमारी ख़बरों के प्रसारण का इंतज़ार करता रहता है. और फिर DNA में दिखाई गई खबरों की Clips का इस्तेमाल करके भारत के खिलाफ ज़हर उगलता है. आप ये भी कह सकते हैं, कि Zee News की रिपोर्टिंग की रेंज में पूरा पाकिस्तान आ गया है. शायद इसीलिए वहां का मीडिया भी समय-समय पर Zee News का नाम लेकर भारत से वैचारिक युद्ध लड़ता है. आज हम आपको दो साल पुरानी एक ऐसी ही Video Clip दिखाएंगे. जिसमें पाकिस्तान का एक एंकर, Zee News पर दिखाई गई ख़बर को आधार बनाकर पाकिस्तान के हुक्मरानों को खुश करने की कोशिश कर रहा था. 

इस वीडियो को देखने के बाद आप समझ सकते हैं, कि पाकिस्तान ने अपने आतंकवादियों के साथ साथ अपने न्यूज़ एंकर्स को भी मैदान-ए-जंग में उतारा हुआ है. ख़ैर कोई बात नहीं..अगर Zee News की ख़बरें दिखाने से इस पाकिस्तानी एंकर या इसके चैनल को या पाकिस्तान के लोगों को कुछ ज्ञान मिलता है या सदबुद्धि आती है.. तो इससे हमें कोई आपत्ति नहीं है.

बात चाहे, हाफिज़ सईद की हो, या फिर मसूद अज़हर की. इन दोनों आतंकवादियों और इनके संगठनों की हताशा देखकर दो बातें बिल्कुल साफ हो गई है. पहली बात ये है कि भारतीय सेना ने तीन साल पहले भी बिल्कुल ठीक जगह पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी. और पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में भी भारतीय वायुसेना का निशाना, बिल्कुल सही जगह पर लगा है. और दूसरी बात ये है कि इन दोनों ही मौकों पर Zee News की संपादकीय स्ट्राइक भी बिल्कुल ठीक जगह पर हुई है. हम चाहते हैं कि दुनिया भर के आतंकवादियों को Zee News की खबरें बुरी लगनी चाहिए .और हम ये भी चाहते हैं कि वो हमसे डरें और हमसे नफरत भी करें.. उनकी नफरत सिर आंखों पर....-