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राजस्थान में बीजेपी काट सकती है 10 सांसदों के टिकट, 3 मंत्री बदलना चाहते हैं अपनी सीट

बीजेपी जीत का गणित बिठाने के लिए पहला दांव नये चेहरों को मैदान में उतारकर खेल सकती है. पार्टी को मिले अब तक के फीडबैक में वर्तमान समीकरणों के हिसाब से इन सीटों पर पार्टी को बड़ा नुकसान नजर आ रहा है. इसलिए इन सांसदों का टिकट काटा जा सकता है.

राजस्थान में बीजेपी काट सकती है 10 सांसदों के टिकट, 3 मंत्री बदलना चाहते हैं अपनी सीट
आने वाले लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी और अम‍ित शाह के सामने चेहरों का चुनाव भी बड़ी चुनौती होगी. फाइल फोटो

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव का बिगुल बजने वाला है लिहाजा तमाम राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुट गई हैं. राजस्थान में विधानसभा चुनावों में मात खा चुकी भाजपा लोकसभा चुनाव की प्लानिंग में जुट गई है. भाजपा मिशन-25 एक बार फिर दोहराने के लिए उम्मीदवार चयन के लिए विभिन्न तरीकों से सर्चिंग ऑपरेशन चला रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी जीत का गणित बिठाने के लिए पहला दांव नये चेहरों को मैदान में उतारकर खेल सकती है. पार्टी को मिले अब तक के फीडबैक में वर्तमान समीकरणों के हिसाब से इन सीटों पर पार्टी को बड़ा नुकसान नजर आ रहा है. इसलिए इन सांसदों का टिकट काटा जा सकता है.   इस सप्ताह के अंत में होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक से पहले उम्मीदवारों की सर्चिंग प्रक्रिया पूरी करके प्रदेश संगठन संसदीय बोर्ड को भेज देगा.

राजस्थान से केन्द्र में 5 मंत्री हैं. उनकी ग्राउंड रिपोर्ट भी ठीक नहीं  है. इनमें से 3 मंत्री तो अपनी सीट बदलना चाहते हैं. इसलिए प्रदेश संगठन और चुनावी प्रक्रिया जुड़े पदाधिकारी भी उलझन में हैं. कहा जा रहा है कि दो मंत्रियों की सीट बदलने से आलाकमान ने साफ इनकार कर दिया है. इस बीच पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक से राजनीतिक परिस्थितियां जरूर बदली हैं.

इन सांसदों के टिकट पर है खतरा...
टिकट कटने वालों में सांसदों की बात करें तो सबसे पहला नाम बाड़मेर जैसलमेर संसदीय क्षेत्र से कद्दावर नेता कर्नल सोनाराम का है. वहीं धौलपुर-करौली सांसद मनोज राजोरिया, टोंक से सुखबीर सिंह जौनपुरिया, जयपुर शहर से रामचरण बोहरा, श्रीगंगानगर से निहालचंद, बांसवाड़ा से नानालाल निनामा, जालौर-सिरोही से देवजी पटेल, सीकर से सुमेधानंद, झुंझुंनूं से संतोष अहलावत, राजसमंद से हरिओम सिंह की जगह नये चेहरों की तलाश की जा रही है.

केंद्रीय मंत्री बदलना चाहते हैं सीट
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री सीआर चौधरी ने संगठन से मांग की है कि इस बार उनको नागौर की बजाय अजमेर से चुनाव लड़वाया जाए. लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि चौधरी को नागौर से ही चुनाव की तैयारी करने को कह दिया है. वहीं दूसरे केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने बीकानेर में भितरघात की संभावना के चलते श्रीगंगानगर से चुनाव लड़ने की दरखास्त की है. वहीं प्रदेश से तीसरे केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के बारे में बताया जा रहा है कि जयपुर ग्रामीण की बजाय अन्य राजपूत सीट तलाश रहे हैं. लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनको जयपुर ग्रामीण सीट से ही चुनाव लड़वाया जाएगा. अटकलें हैं कि जोधपुर से कांग्रेस वैभव गहलोत को पहले प्रत्याशी घोषित करती है तो गजेन्द्र सिंह शेखावत को राजसमंद भेजा जा सकता है.

उम्मीदवार चयन के लिए RSS भी प्रदेश BJP की मदद कर रहा है. इसी प्रक्रिया के तहत सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा संगठन महामंत्री रामलाल और आरएसएस के पदाधिकारियों से मुलाकात की. सूत्रों की माने तो अपने लोगों की टिकट बचाने के लिए राजे ने रामलाल के साथ करीब एक घंटे तक विस्तार से मंत्रणा की. बताया जा रहा है कि केन्द्रीय नेतृत्व राजे को लोकसभा चुनाव लड़ाकर केन्द्र की राजनीति में लाना चाहता है. लेकिन राजे ने साफ कह दिया था कि झालावाड़ से लोकसभा चुनाव उनके बेटे दुष्यंत सिंह ही लड़ेंगे.

जालोर-सिरोही सांसद देवजी पटेल तो बकायदा अपने समर्थकों को लेकर पूर्व सीएम राजे से  मिलने पहुंचे गए थे. जाहिर है देवजी पटेल वसुंधरा राजे खेमे के माने जाते हैं और दुष्यंत सिंह के करीबी हैं.