close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: BJP विधायक जयपुर कलेक्टर से हैं नाराज, कांग्रेस एजेंट होने का लगाया आरोप

विधायक के आरोपों के जवाब में जिला कलेक्टर ने विधायक से पूछा है कि मुझे तो पता नहीं, विधायक बताएं, मैं कौन से दल से हूं.

राजस्थान: BJP विधायक जयपुर कलेक्टर से हैं नाराज, कांग्रेस एजेंट होने का लगाया आरोप
कांग्रेस के नेताओं पर नरमी बरतने का आरोप बीजेपी विधायक लगा रहे हैं. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान के सांगानेर से बीजेपी विधायक अशोक लाहोटी ने शुक्रवार को जयपुर के कलेक्टर और जिला निर्वाचन पदाधिकारी पर कांग्रेस का एजेंट होने का आरोप लगाया है. लाहोटी ने कहा है कि वो कलेक्ट्री करें या फिर चुनाव लड़ लें, अगर चुनाव लड़ना है तो कलेक्ट्री छोड़ कर नेतागिरी करें. इसके जवाब में जिला कलेक्टर ने विधायक से पूछा है कि मुझे तो पता नहीं, विधायक बताएं, मैं कौन से दल से हूं.

लाहोटी का आरोप है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के 20 दिन बाद तक भी जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कांग्रेस के महापौर विष्णु लाटा और जिला प्रमुख मूलचंद मीणा के सरकारी वाहनों को अधिग्रहण नहीं किया है. वहीं, वो लगातार बीजेपी प्रत्याशियों को नोटिस दे रहे हैं, जिस कारण उनपर सवाल उठ रहा है. इस मामले में आचार संहिता लगने के बाद महज नोटिस जारी कर दोनों को चेताया गया था. लेकिन वाहनों का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है, इसकी मॉनिटरिंग तक नहीं की जा रही है. ना ही अभी तक मेयर, जिला प्रमुख के वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है.

वहीं, जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक महापौर और जिला प्रमुख के वाहनों के अधिग्रहण की जरूरत नहीं समझी गई है. उन्हें उपयोग नहीं करने का नोटिस दे दिया है. अगर जरूरत हुई तो इन वाहनों का भी अधिग्रहण करेंगे. उन्होंने निष्पक्षता से काम करने के अलावा विधायक समेत सभी दलों को आचार संहिता के उल्लंधन से संबंधित नोटिस देने की बात कही. 

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी पर आरोप लगाने वाले बीजेपी विधाय़क जयपुर शहर के महापौर थे. विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी सरकारी गाड़ी को अधिग्रहण कर जिला पूल गैराज में रखवा दिया गया था, जिसका उन्होंने काफी विरोध किया. माना जा रहा है कि पिछले चुनावों में सख्ती के कारण सांगानेर विधायक लोकसभा चुनावों में बरती जा रही नरमी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं.