BJP MP उदित राज ने थामा कांग्रेस का 'हाथ', लोकसभा टिकट नहीं मिलने से थे नाराज

बीजेपी सांसद उदित राज ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया है. उन्‍होंने बुधवार को कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्‍यता ग्रहण की.

BJP MP उदित राज ने  थामा कांग्रेस का 'हाथ', लोकसभा टिकट नहीं मिलने से थे नाराज

नई दिल्‍ली: बीजेपी सांसद उदित राज ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया है. उन्‍होंने बुधवार को कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्‍यता ग्रहण की. उत्‍तर-पश्चिमी दिल्‍ली (सुरक्षित) सीट से बीजेपी सांसद को इस बार बीजेपी ने टिकट नहीं दिया था. उनकी जगह बीजेपी ने मशहूर सिंगर हंसराज हंस को टिकट दे दिया. लोकसभा टिकट नहीं मिलने पर उदित राज ने नाराजगी जाहिर की थी. उसी की अगली कड़ी में उन्‍होंने आज कांग्रेस ज्‍वाइन करने का फैसला किया.

इससे पहले भाजपा सांसद उदित राज ने मंगलवार सुबह कहा था कि यदि उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया तो वह पार्टी से इस्तीफा दे देंगे. राज ने ट्वीट किया था, ‘‘मैं टिकट का इंतजार कर रहा हूं. यदि मुझे टिकट नहीं मिला, तो मैं पार्टी को अलविदा कह दूंगा.’’ इससे पहले सोमवार आधी रात को अपने दर्जनों समर्थकों के साथ पंत मार्ग पर दिल्ली भाजपा कार्यालय में पहुंचे थे और उन्होंने वहां हंगामा किया था. राज ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने भाजपा प्रमुख अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टिकट के विषय में बात करने की कोशिश की लेकिन उन्हें उनका कोई जवाब नहीं मिला.

हंसराज हंस
भाजपा ने मंगलवार को उत्तर पश्चिम दिल्ली से गायक हंस राज हंस को पार्टी उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की. यह घोषणा नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा से कुछ घंटों पहले की गई. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया उदित राज की नाराजगी की वजह से हंस राज को उम्मीदवार बनाने की घोषणा में देरी के पीछे एक कारण यह था. हंस राज के सामने आम आदमी पार्टी के गुग्गन सिंह और कांग्रेस के राजेश लिलोठिया की चुनौती होगी.

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सितारों के मैदान में उतरने से राजधानी में लोकसभा चुनावों में बढ़ी रौनक
राष्ट्रीय राजधानी में इस बार सात लोकसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी अनुभवी कांग्रेसी नेता शीला दीक्षित के साथ ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह और क्रिकेटर से नेता बने गौतम गंभीर, सूफी गायक हंसराज अहीर, भोजपुरी अभिनेता एवं गायक मनोज तिवारी जैसे सितारों के मैदान में उतरने के कारण ये चुनाव देश भर की दिलचस्पी का केन्द्र बन गए हैं. दिल्ली की इन सीटों का प्रतिनिधित्व करने की दौड़ में करीब 350 उम्मीदवार उतरे हैं.

इन सात लोकसभा सीटों पर 12 मई को होने वाले चुनाव के लिए मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह और क्रिकेटर गौतम गंभीर, भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी, सहित अनेक जाने-माने उम्मीदवारों ने नामांकन के अंतिम दिन अपना पर्चा दाखिल किया.

कई उम्मीदवारों ने नामांकन करने से पहले तपती गर्मी में अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों में रोड शो किए. दिल्ली में 16 अप्रैल को चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद पिछले आठ दिनों में करीब 350 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए. सोमवार तक 185 उम्मीदवार अपने पर्चे दाखिल करा चुके थे जबकि मंगलवार को 164 प्रत्याशियों ने नामांकन सौंपे. नामांकन वापस लेने की अंतिम समय सीमा 26 अप्रैल है.

कांग्रेस के सभी सात उम्मीदवारों - पूर्वी दिल्ली से अरविंदर सिंह लवली, चांदनी चौक से जयप्रकाश अग्रवाल, नयी दिल्ली से अजय माकन, उत्तर पश्चिम दिल्ली राजेश लिलोठिया, पश्चिमी दिल्ली से महाबल मिश्रा, उत्तर पूर्वी दिल्ली से शीला दीक्षित और दक्षिणी दिल्ली से ओलंपिक कांस्य विजेता विजेंदर सिंह - ने अपने नामांकन दाखिल किए.

भाजपा उम्मीदवारों में - उत्तर पश्चिम दिल्ली से पंजाबी गायक हंसराज हंस , दक्षिण दिल्ली से मौजूदा सांसद रमेश बिधूड़ी, नयी दिल्ली से भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी और पूर्वी दिल्ली से गौतम गंभीर - ने अपने अपने नामांकन दाखिल किए. पार्टी ने चांदनी चौक से केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन, पश्चिमी दिल्ली से प्रवेश वर्मा और उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को उतारा है.

आप ने चांदनी चौक से पंकज गुप्ता, उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडेय, पूर्वी दिल्ली से आतिशी, दक्षिणी दिल्ली से राघव चड्ढा, उत्तर पश्चिमी दिल्ली से गूगन सिंह, नयी दिल्ली से ब्रजेश गोयल, पश्चिमी दिल्ली से बलवीर सिंह जाखड़ को उतारा है. उत्तर-पूर्वी दिल्ली से कांग्रेस उम्मीदवार शीला दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस सीट से मेरी भावनाएं जुड़ी हैं क्योंकि दिल्ली में मैंने अपना पहला चुनाव इसी सीट से लड़ा था.’’ पूर्वी दिल्ली से लवली और आप की आतिशी मार्लेना को चुनौती दे रहे गंभीर ने संवाददाताओं से कहा कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों पर नहीं, बल्कि जीत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.

गंभीर ने कहा, ‘‘मैं नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ईमानदारी की पारी की शुरुआत कर रहा हूं. मैदान में मेरी अन्य उम्मीदवारों से प्रतिस्पर्द्धा नहीं है और मैं यहां पूर्वी दिल्ली के लोगों के साथ अपना विजन साझा करने आया हूं. मैं सकारात्मक एजेंडे के साथ लोगों के पास जा रहा हूं.’’ दक्षिण दिल्ली से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे विजेंदर सिंह ने कहा कि वह युवाओं और खेलों से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

नामांकन भरने के दौरान गंभीर एवं लवली के समर्थकों के बीच कुछ तनातनी हुई. भाजपा समर्थक मोदी के पक्ष में नारे लगा रहे थे जबकि कांग्रेस के समर्थक ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगा रहे थे. दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव के छठे चरण में 12 मई को मतदान होगा.

(इनपुट: एजेंसी भाषा से भी)