छत्तीसगढ़: दूसरे चरण को प्रभावित कर सकते हैं नक्सली, मतदान कराना सुरक्षा बलों के लिए बना चुनौती
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छत्तीसगढ़: दूसरे चरण को प्रभावित कर सकते हैं नक्सली, मतदान कराना सुरक्षा बलों के लिए बना चुनौती

दूसरे चरण की तीनों लोकसभा नक्सल प्रभावित हैं, ऐसे में सुरक्षाबलों को आशंका है कि मतदान की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नक्सली कोई बड़ी कदम उठा सकते हैं. 

छत्तीसगढ़ के बस्तर पहले चरण में 57 फीसदी वोट डाले गए थे.

रायपुर (जुल्फिकार) : लोकसभा चुनावों के पहले चरण में छत्तीसगढ़ की बस्तर शीट पर तो शांतिपूर्ण मतदान हो गया, लेकिन अब दूसरे चरण में तीन लोकसभा सीटों पर मतदान कराना सुरक्षाबलों के लिए चुनौती साबित होने वाला है. दूसरे चरण की तीनों लोकसभा नक्सल प्रभावित हैं, ऐसे में सुरक्षाबलों को आशंका है कि मतदान की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए नक्सली कोई बड़ी कदम उठा सकते हैं. 

सीमावर्ती इलाकों के सर्चिंग हुई तेज

दूसरे राज्य की सीमावर्ती पर बड़ी संख्या के केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है. राजनांदगांव लोकसभा सीट की सीमा महाराष्ट्र मध्यप्रदेश से लगी हुई है. महाराष्ट्र से गड़चिरोलो से लगे मोहलामानपुर का इलाका सबसे ज्यादा नक्सली प्रभावित है. इसी क्षेत्र के 2009 में नक्सलियों ने एसपी वीके चौबे समेत 29 जवान को शहीद कर दिया था.

वहीं बात कांकेर की करें तो यहां ओडिशा से लगे इस हिस्से में नक्सलियों का प्रभाव है. 9 दिन पहले नक्सलियों ने कांकेर में बीएसएफ जवानों पर हमला किया था जिसमें चार जवान शहीद हुए थे. वहीं, महासमुन्द का बड़ा क्षेत्र ओड़िशा से लगा हुआ है गरियाबंद नक्सल प्रभावित क्षेत्र है गरियाबंद में नक्सलियों का मूवमेंट बना रहता है. इस क्षेत्र में नक्सलियों ने नेताओ. की हत्या की साजिश रची थी. सभी हालातों को देखते हुए सुरक्षाबलों ने सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है. 

सीमा पर तैनात किए गए अतिरिक्त जवान
सीमावर्ती इलाके से नक्सली किसी तरह की वारदात को अंजाम न दे सकें, इसके लिए अतिरिक्त जवानों को सीमा पर तैनात किया गया है. अधिकारी और जवान सीमा से आने वाले सामान की पूरी जांच होने के बाद ही उन्हें राज्य में जाने की अनुमति दे रहे हैं. 

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