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सनी देओल के प्रचार के लिए गुरदासपुर पहुंचे धर्मेंद्र, बोले- 'लोगों का दर्द सुनने आए हैं'

धर्मेन्द्र ने कहा कि गुरदासपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार सुनील जाखड़ उनके बेटे की तरह हैं क्योंकि उनके पिता और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष बलराम जाखड़ के साथ उनके अच्छे संबंध थे.

सनी देओल के प्रचार के लिए गुरदासपुर पहुंचे धर्मेंद्र, बोले- 'लोगों का दर्द  सुनने आए हैं'
धर्मेन्द्र सनी देओल के लिए प्रचार करने शुक्रवार को पंजाब पहुंचे थे. (फोटो साभार - PTI)

गुरदासपुर: अभिनेता धर्मेन्द्र ने शनिवार को गुरदासपुर लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार और अपने पुत्र सनी देओल के लिए लोगों से समर्थन मांगा और कहा कि चुनावों में उसकी जीत इस निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की जीत होगी. धर्मेन्द्र अपने 59 वर्षीय पुत्र के लिए प्रचार करने शुक्रवार को यहां पहुंचे थे. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह यहां लोगों के दुख दर्द को समझने के लिए आए है.

जब उन्हें यह बताया गया कि इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने स्थानीय मुद्दों पर बहस करने के लिए देओल को आमंत्रित किया है तो धर्मेन्द्र ने कहा,‘हम यहां बहस करने नहीं आए है, बल्कि लोगों के दर्द को सुनने अवश्य आए हैं.’

'सनी बहस नहीं कर सकते हैं' 
उन्होंने कहा, ‘सनी बहस नहीं कर सकते हैं. सुनील के पास (राजनीति का) अनुभव है और उनके पिता (बलराम जाखड़) भी एक राजनीतिक थे. हम फिल्म जगत से आए हैं. हम यहां बहस के लिए नहीं आए हैं. हम यहां लोगों का दर्द सुनने आए हैं.’’ 

धर्मेन्द्र ने कहा कि सुनील जाखड़ उनके बेटे की तरह हैं क्योंकि उनके पिता और लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष बलराम जाखड़ के साथ उनके अच्छे संबंध थे.

उन्होंने कहा कि उन्होंने 2004 के लोकसभा चुनावों में राजस्थान की चुरू सीट से बलराम जाखड़ के खिलाफ चुनाव लड़ने से मना कर दिया था. इसके बाद धर्मेन्द्र ने बीजेपी के टिकट पर बीकानेर सीट से चुनाव लड़ा था.

'इतना प्यार देखकर हैरान था' 
धर्मेन्द्र ने कहा, ‘मैं मुम्बई से सनी का रोड शो देख रहा था और रोड शो में बहुत भारी भीड़ थी. मैं भावुक हो गया था. मैं जानता हूं कि लोग हमें प्यार करते हैं लेकिन मैं इतना प्यार देखकर हैरान था.’

उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार बीजेपी द्वारा पटियाला सीट से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था.

धर्मेंद्र ने कहा,‘मैंने उनसे कहा कि अमरिंदर सिंह का परिवार मुझे बहुत प्यार करता है और उनकी पत्नी (परनीत कौर) मेरी बहन की तरह है और उनसे कहा कि मैं पटियाला से चुनाव नहीं लडूंगा.’

पंजाब की सभी 13 सीटों पर 19 मई को मतदान होगा.