आचार संहिता उल्लंघन मामले में फंसे दिग्विजय, भाजपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत

प्रलोभन के रूप में नोट बांटना भारतीय दंण्ड संहिता की धारा 171 (ख) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 के अधीन अपराधिक श्रेणी में आता है.

आचार संहिता उल्लंघन मामले में फंसे दिग्विजय, भाजपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत
दिग्विजय सिंह कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी हैं (फाइल फोटो)
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भोपालः भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने की शिकायत निर्वाचन आयोग से की है. पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा और आवश्यक कार्रवाई की मांग की. भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधि मंडल शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा और आचार संहिता के उल्लंघन के संबंध में शिकायत की. शिकायत में कहा गया है कि श्री दिग्विजय सिंह कांग्रेस के घोषित प्रत्याशी हैं और उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से वोट के प्रलोभन के रूप में नोट बांटना भारतीय दंण्ड संहिता की धारा 171 (ख) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 के अधीन अपराधिक श्रेणी में आता है.

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प्रतिनिधि मंडल ने शिकायत से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं वीडियो सीडी आयोग को सौंपकर श्री दिग्विजय सिंह के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है. प्रतिनिधि मंडल में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजेश लूणावत, प्रदेश महामंत्री श्री विष्णुदत्त शर्मा, श्री शांतिलाल लोढ़ा, डॉ. हितेष वाजपेयी, श्री संतोष शर्मा, श्री अश्विनी राय, श्री विजय अटवाल शामिल थे. निर्वाचन आयोग को की गई शिकायत में कहा गया है कि इंदौर में पदस्थ अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री कैलाश वानखेडे एवं श्री संदीप सोनी दोनों इंदौर के ही निवासी हैं. निर्वाचन नियमों के अनुसार ऐसे अधिकारी जो कार्यपालक अधिकारी के साथ निर्वाचन कार्य में कार्यरत हैं, वे उस जिले में पदस्थ नहीं किए जा सकते, जहां के वे निवासी हैं.

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प्रतिनिधि मंडल ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि एडीएम कैलाश वानखेड़े एवं संदीप सोनी को तत्काल प्रभाव से गृह जिले से कहीं और पदस्थ किया जाए. प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से शुक्रवार को की गई विधायक पांचीलाल मेढ़ा के खिलाफ शिकायत को शनिवार को फिर दोहराया. शिकायत में कहा गया है कि धरमपुरी जिला-धार के विधायक पांचीलाल मेढ़ा और उनके समर्थकों ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाते हुए आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया है. प्रतिनिधिमंडल ने विधायक पांचीलाल मेढ़ा के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने की मांग की.