गौतम गंभीर की कप्तानी में कभी नहीं हारा भारत, उनके इन 5 रिकॉर्ड के आसपास कोई भी नहीं

गौतम गंभीर दिल्ली की एक लोकसभा सीट से आगामी आम चुनाव में उम्मीदवार हो सकते हैं.

गौतम गंभीर की कप्तानी में कभी नहीं हारा भारत, उनके इन 5 रिकॉर्ड के आसपास कोई भी नहीं
IPL में भी गंभीर ने बेहतरीन कप्तानी की और कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) को दो बार चैंपियन बनाया. (PIC : PTI)

नई दिल्ली: पूर्व इंटरनेशनल क्रिकेटर गौतम गंभीर शुक्रवार को बीजेपी से जुड़ गए और राजधानी की एक लोकसभा सीट से आगामी आम चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में उम्मीदवार हो सकते हैं. पूर्व सलामी बल्लेबाज दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और रवि शंकर प्रसाद की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए. पिछले साल 4 दिसंबर को क्रिकेट को अलविदा कहने वाले गौतम गंभीर उन गिने चुने क्रिकेटरों में हैं, जो जब चाहे तब विरोधी पर अटैक करते थे और जब चाहें तब अपने डिफेंस को दीवार की तरह मजबूत कर देते थे. शायद अपनी इसी खूबी की बदौलत उन्होंने तब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. जब वे अपने खेल के शिखर पर थे, तब उन्हें राहुल द्रविड़ के बाद ‘दूसरी दीवार’ भी कहा गया. उनके नाम दो विश्व कप में टॉप स्कोरर रहने का रिकॉर्ड है. उन्होंने भारत के लिए वनडे मैचों में कप्तानी भी की और अपनी टीम को 5-0 से जीत दिलाई. उन्होंने आईपीएल में भी बेहतरीन कप्तानी की और कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) को दो बार चैंपियन बनाया.

1. टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में बनाए थे 75 रन
भारतीय टीम 2007 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए टी20 फाइनल में चैंपियन बनी थी. यह खिताब जीतने में गौतम गंभीर की अहम भूमिका थी. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 14 सितंबर को खेले गए फाइनल में 75 रन बनाए थे. यह भारतीय टीम के कुल स्कोर के लगभग आधे रन थे. भारत ने इस मैच में 5 विकेट पर 157 रन बनाए थे. गंभी के अलावा सिर्फ रोहित शर्मा (30) ही ऐसे भारतीय बल्लेबाज थे, जिन्होंने 20 की रनसंख्या पार की थी. गंभीर इस मैच में अर्धशतक बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज थे. भारत ने यह मैच आखिरी ओवर में पर पांच रन से जीता था.

2. वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में बनाए थे 97 रन
भारतीय टीम टी20 विश्व कप जीतने के चार साल बाद वनडे वर्ल्ड कप की चैंपियन भी बनी. इस मैच को तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने छक्के से खत्म किया था. लोगों की जेहन में धोनी का छक्का आज भी ताजा है, लेकिन कम लोगों को ही याद होगा कि फाइनल जीतने में सबसे अहम भूमिका गौतम गंभीर की थी. गौतम गंभीर जब क्रीज पर पहुंचे, तब वीरेंद्र सहवाग बिना खाता खोले आउट हो चुके थे. सचिन तेंदुलकर भी सिर्फ 18 रन बना सके. इन दबाव के पलों में गौतम गंभीर ने 122 गेंदों पर 97 रन की खूबसूरत पारी खेली. उन्होंने विराट कोहली (35) के साथ 83 और महेंद्र सिंह धोनी (91) के साथ 109 रन की अहम साझेदारियां की. गंभीर जब आउट हुए तब भारत लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुका था.

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3. भारत को 5-0 से दिलाई थी जीत
गौतम गंभीर को 2010 में कुछ समय के लिए भारतीय वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई. गंभीर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ इस सीरीज में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पांच मैचों में 109.66 की औसत से 329 रन बनाए. उन्हें इस सीरीज में मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड दिया गया. गौतम गंभीर भारत के एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने पांच से अधिक वनडे में कप्तानी करने के बावजूद कभी नहीं हारे. गंभीर ने छह मैचों में कप्तानी की और सभी मैच जीते.

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4. लगातार 5 मैचों में बनाया शतक
गौतम गंभीर भारत के एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने लगातार पांच टेस्ट मैचों में शतक लगाए हैं. उन्होंने 2009-10 में लगातार पांच मैचों में 137, 167, 114, 167 और 116 रन की पारियां खेली थीं. विश्व क्रिकेट में सिर्फ डॉन ब्रैडमैन ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने गंभीर से ज्यादा मैचों में लगातार शतक लगाए हैं. ब्रैडमैन ने 1937-38 में लगातार छह टेस्ट मैच में शतक जबनाए थे. गौतम गंभीर ने 12 साल के इंटरनेशनल करियर में 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले.

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5. केकेआर को दिलाया दो खिताब
गौतम गंभीर को भारतीय टीम में कप्तानी का ज्यादा मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने इसकी भरपाई आईपीएल में की. गौतम गंभीर ने आईपीएल की टीम कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) की कप्तानी की. उन्होंने इस टीम को 2012 और 2014 में चैंपियन बनाया. गौतम गंभीर कप्तानी में प्रयोग के लिए भी जाने गए. उन्होंने वेस्टइंडीज के स्पिनर सुनील नरेन से ओपनिंग करके सबको चौंका दिया था. 37 साल के गौतम गंभीर ने 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ पहला इंटरनेशनल मैच (वनडे) खेला था. उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच राजकोट टेस्ट रहा. उन्होंने यह मैच इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में खेला. वे अपना आखिरी प्रथमश्रेणी मैच (रणजी ट्रॉफी) छह दिसंबर से खेलेंगे.