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महागठबंधन की रार पर JDU नेता बोले- 'अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियां चुग गई खेत'

 कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच लगातार जुबानी जंग जारी है. बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने चुनाव में हुए सीट शोयरिंग पर सवाल उठा दिया है.

महागठबंधन की रार पर JDU नेता बोले- 'अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियां चुग गई खेत'
अशोक चौधरी बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके हैं. (फाइल फोटो)

पटना : लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद बिहार में जारी रार पर जनता दल यानाइटेड (जेडीयू) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी के नेता और एमएलसी अशोक चौधरी ने तंज कसते हुए कहा, 'अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियां चुग गई खेत'. उन्होंने इस दौरान आरजेडी पर जमकर हमला बोला. चौधरी ने कहा कि आरजेडी गठबंधन के प्रति 1998 से ही वफादार नहीं रही है.

अशोक चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद शुरू से ही कांग्रेस के साथ बेइमानी करते रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बिहार प्रभारी स्थानीय नेताओं के साथ कभी अच्छा बर्ताव नहीं करते. प्रभारी स्थानीय नेताओं को एजेंट के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने कहा कि जब वह कांग्रेस अध्यक्ष थे, तब गठबंधन का विरोध किया था.

महागठबंधन की हार पर बीजेपी नेता और बिहार सरकार में मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि हम पहले से बात कह रहे थे कि भगदड़ तो होनी ही है. महागठबंधन में न कोई नीति थी और न कोई नीयत. इन लोगों का यही हाल होना था.

ज्ञात हो कि कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच लगातार जुबानी जंग जारी है. बिहार कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने चुनाव में हुए सीट शोयरिंग पर सवाल उठा दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस को नजरअंदाज किया गया. हमें कमजोर करने की कोशिश की गई.

कौकब कादरी ने कहा है कि कांग्रेस को किसी भी हाल में 15 से कम सीटों पर नहीं लड़नी चाहिए. उन्होंने कहा हमें जो नौ सीटें मिली उनमें से भी कई कैंडिडेट बाहर के ही लड़े. पूरे चुनाव में काफी द्वंद की स्थिति बनी रही. कार्यकर्ताओं का उत्साह गिरा.

साथ ही कौकब कादरी ने कहा कि महागठबंधन में समन्वय का आभाव रहा. सभी अकेले-अकेले ही चुनाव प्रचार करते रहे. कांग्रेस नेता ने वीआईपी, रालोसपा और हम को मिली सीटों की संख्या पर भी सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि वीआईपी को तीन, आरएलएसपी को पांच और हम को तीन सीट देना कहीं से भी उचित नहीं था.