लोकसभा चुनाव 2019: केरल की अलाथुर में 80.33% मतदान, जानें सीट के बारे में खास बातें

लोकसभा चुनाव 2019: केरल की अलाथुर में 80.33% मतदान, जानें सीट के बारे में खास बातें

अलाथुर सीट माकपा का गढ़ है, हालांकि कांग्रेस से उसे अच्छी टक्कर मिलती रही है. 

लोकसभा चुनाव 2019: केरल की अलाथुर में 80.33% मतदान, जानें सीट के बारे में खास बातें

नई दिल्‍ली : लोकसभा चुनाव 2019 के तहत केरल की अलाथुर लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में मतदान हुआ. चुनाव आयोग के अनुसार, इस लोकसभा सीट पर 80.33 प्रतिशत वोट डाले गए. अलाथुर सीट माकपा का गढ़ है, हालांकि कांग्रेस से उसे अच्छी टक्कर मिलती रही है. 

दरअसल, इस सीट पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला है. जहां माकपा ने डॉ. पीके बीजू को अपना उम्मीदवार बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने रामया हरिदास को टिकट दिया है. वही, एनडीए ने भारत धर्म जन सेना के उम्मीदवार को समर्थन दिया है. भारत धर्म जन सेना ने टीवी बाबू को प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा है. 

साल 2009 और 2014 में लगातार दो बार से यहां कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी के पीके बीजू यहां से सांसद हैं. पिछली बार इस सीट से बीजेपी भी चुनावी मैदान में उतरी थी और उसके उम्‍मीदवार को ठीक वोट भी मिले थे.

अलाथुर लोकसभा क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं-तरूर, चित्तूर, नेम्मारा, अलाथुर, चेलक्करा, कुन्नाकुलम और वडक्कनचेरी इनमें से तरूर, चित्तूर, नेम्मारा और अलाथुर राज्य के पलक्कड़ जिले के तहत आते हैं, जबकि चेलक्कारा, कुन्नाकुलम और वडक्कनचेरी क्षेत्र त्रिसूर जिले के तहत आते हैं.

इस संसदीय क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. पलक्कड़ जिले की करीब 28 लाख जनसंख्या में एससी-एसटी की जनसंख्या करीब 4.5 लाख है. अगरबत्ती उत्पादन यहां के प्रमुख कुटीर उद्योगों में शामिल है. कृषि इस क्षेत्र का प्रमुख रोजगार है. पहाड़ी जमीन पर रबर और मैदानी इलाकों में धान उगाया जाता है. इनके अलावा नारियल, अदरक, केला, कद्दू आदि की खेती भी होती है. 

Trending news