अंबाला लोकसभा सीट: BJP की होगी फिर से जीत की कोशिश, बीजेपी-कांग्रेस-आप में होगी जबरदस्त टक्कर

 बात अगर अंबाला सीट की करें तो अंबाला आर्थिक लिहाज से भी हरियाणा का महत्वपूर्ण शहर है. दिल्ली से लगभग 200 किलोमीटर दूर अंबाला में वैज्ञानिक उपकरण केंद्र भी मौजूद हैं. 

अंबाला लोकसभा सीट: BJP की होगी फिर से जीत की कोशिश, बीजेपी-कांग्रेस-आप में होगी जबरदस्त टक्कर
हरियाणा में 22 जिले हैं और कुल मिलाकर 10 लोकसभा क्षेत्र हैं.

अंबाला: ग्रीन लैंड के नाम से मशहूर हरियाणा भले अब पंजाब का हिस्सा नहीं है ब्रिटिश भारत में पंजाब प्रान्त का एक भाग रहा है और इसके इतिहास में इसकी एक महत्वपूर्ण भूमिका है. राज्य के दक्षिण में राजस्थान और पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और उत्तर में पंजाब की सीमा और पूर्व में दिल्ली क्षेत्र है. हरियाणा और पड़ोसी राज्य पंजाब की भी राजधानी चंडीगढ़ ही है. इस राज्य की स्थापना 1 नवम्बर 1966 को हुई. क्षेत्रफल के हिसाब से इसे भारत का 20 वां सबसे बड़ा राज्य बनाता है.

हरियाणा में 22 जिले हैं और कुल मिलाकर 10 लोकसभा क्षेत्र हैं. बात अगर अंबाला सीट की करें तो अंबाला आर्थिक लिहाज से भी हरियाणा का महत्वपूर्ण शहर है. दिल्ली से लगभग 200 किलोमीटर दूर अंबाला में वैज्ञानिक उपकरण केंद्र भी मौजूद हैं. अंबाला सुरक्षित लोकसभा सीट है. 2014 में इस से बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. 

 

आपको बता दें कि कांग्रेस की दिग्गज महिला नेता कुमारी शैलजा भी यहां से दो बार सांसद बन चुकी हैं. बीजेपी की इस लोकसभा चुनाव में भी यही कोशिश की 2014 की जीत को दोहराए तो वहीं, कांग्रेस यहां जीत की उम्मीद लगाए बैठी है.

अंबाला से अभी रतन लाल कटारिया सांसद हैं और इस बार भी बीजेपी ने रतन लाल कटारिया पर भरोसा जताया है. वहीं, कांग्रेस ने भी अंबाला से कुमारी शैलजा पर विश्वास किया है और उन्हें टिकट दिया है. आप ने पूर्व डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस पृथ्वीराज को यहां से उम्मीदवार बनाया है तो वहीं आईएनएलडी ने रामकुमार सिंह को टिकट दिया है. 

हरियाणा के रण में बहरहाल जीत किसकी होती है यह देखना दिलटस्प होगा क्योंकि सभी पार्टियों ने चुनाव के लिए अपनी ताकत पूरी तरह से झोंक दी है. लोकतंत्र के इस महापर्व में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और 23 मई को जनता का फैसला लोगों के सामने होगा.