लोकसभा चुनाव 2019 : डुमरियागंज में BJP प्रत्याशी जगदम्बिका पाल लगा पाएंगे अपनी जीत की हैट्रिक?

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में डुमरियागंज संसदीय सीट से 17 उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में थे. 

लोकसभा चुनाव 2019 : डुमरियागंज में BJP प्रत्याशी जगदम्बिका पाल लगा पाएंगे अपनी जीत की हैट्रिक?
जगदम्बिका पाल कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में साल 2014 में शामिल हुए थे.

नई दिल्ली: डुमरियागंज उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा सीटों में से 60वीं लोकसभा सीट डुमरियागंज है, जिसे साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जीती थी. मौजूदा समय में यहां जगदम्बिका पाल सांसद हैं. डुमरियागंज संसदीय सीट यूं तो कम चर्चित लोकसभा सीट है, लेकिन पूर्वांचल के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाने वाले जगदम्बिका पाल के कांग्रेस से भारतीय जनता पार्टी में आने और 2014 के आम चुनाव में जीत हासिल करने के बाद यह प्रदेश के अहम सीटों में शुमार हो गई.

2014 में ये था जनादेश
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में डुमरियागंज संसदीय सीट से 17 उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में थे. जिन सभी को बीजेपी के जगदम्बिका पाल ने मात दी.  जगदम्बिका पाल ने बीएसपी के मोहम्मद मुकीम को हराया और सांसद बने. तीसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी के माता प्रसाद पाण्डेय. चौथे नंबर पर पीस पार्टी के डॉक्टर मोहम्मद अयूब और कांग्रेस की वसुंधरा पांचवें स्थान पर रहीं थी.

 

ऐसा है राजनीतिक इतिहास 
साल 1952 में डुमरियागंज में पहला लोकसभा चुनाव हुआ, जिसे कांग्रेस ने जीता और केडी मालवीय यहां से पहले सांसद बनें. 1952 से 1962 तक यहां पर कांग्रेस का सांसद रहे. 1967 में भारतीय जन संघ के नारायण स्वरूप सांसद बने. 1971 में केडी मालवीय पर एक बार फिर लोगों ने भरोसा किया और सांसद तक पहुंचाया. 1977 में भारतीय जन संघ ने फिर वापसी की और माधव प्रसाद त्रिपाठी यहां से सांसद बने. 1980 और 1984 में कांग्रेस के काजी जलील अब्बासी यहां से जीते. 1989 में जनता दल के उम्मीदवार ने विजयी पताखा लहराया. 1991 के बाद से बीजेपी यहां पर 4 बार चुनाव जीतने में सफल रही है. बीजेपी के रामपाल सिंह ने 1991 से 1999 के बीच 4 में 3 चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया. 1996 में सपा के बृजभूषण तिवारी और 2004 में बीएसपी के मोहम्मद मुकीम ने जीत हासिल की. 2009 में कांग्रेस के जगदम्बिका पाल ने बीजेपी के जयप्रताप सिंह को 76,566 मतों के अंतर से हराया था. 2014 में जगदम्बिका पाल बीजेपी में शामिल हुए और यहां से चुनाव जीते.