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लोकसभा चुनाव: फर्रुखाबाद में क्या BJP फिर दोहराएगी जीत या कांग्रेस करेगी वापसी?

फर्रुखाबाद लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद बीजेपी के मुकेश राजपूत हैं. साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर सपा दूसरे नंबर पर, बसपा तीसरे नंबर पर और कांग्रेस नंबर चौथे नंबर पर रही थी. 

लोकसभा चुनाव: फर्रुखाबाद में क्या BJP फिर दोहराएगी जीत या कांग्रेस करेगी वापसी?
2014 के लोकसभा चुनाव में फर्रुखाबाद संसदीय सीट पर 60.15 फीसदी मतदान हुआ था.

नई दिल्ली: पोटैटो सिटी के नाम से मशहूर फर्रुखाबाद सूबे के कानपुर मंडल का हिस्सा है. यूपी के महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों में से फर्रुखाबाद संसदीय सीट भी काफी अहम है. 2014 में मोदी लहर में बीजेपी इस सीट पर दूसरी बार कब्जा पाने में कामयाब हुई थी. फर्रुखाबाद लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद बीजेपी के मुकेश राजपूत हैं. साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर सपा दूसरे नंबर पर, बसपा तीसरे नंबर पर और कांग्रेस नंबर चौथे नंबर पर रही थी. 

2014 में ऐसा था लोगों का मत
साल 2014 में कांग्रेस ने इस सीट से सलमान खुर्शीद को मैदान में उतारा था, लेकिन सलमान खुर्शीद कोई कमाल कर नहीं सके. आलम ये था कि सपा और बसपा ने भी इन्हें पछाड़कर चौथे नंबर पर बैठा दिया था. बीजेपी के मुकेश राजपूत ने सपा के रमेश्वर यादव को हराया था. बसपा यहां तीसरे और कांग्रेस चौथे नंबर पर रही थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में फर्रुखाबाद संसदीय सीट पर 60.15 फीसदी मतदान हुआ था. 

ऐसे है राजनीतिक इतिहास
फर्रुखाबाद लोकसभा सीट पर पहली बार 1957 में चुनाव हुआ और कांग्रेस के मूलचंद दूबे यहां से जीतकर सांसद पहुंचे. इसके बाद 1962 में भी मूलचंद जीतने में सफल रहे, लेकिन 1962 में ही चुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के राममनोहर लोहिया ने जीत हासिल की है. साल 1967 और 1971 में कांग्रेस ने फिर इस सीट पर कब्जा किया. साल 1977 में भारतीय लोकदल के दयाराम शाक्य संसद पहुंचे. इसके बाद कांग्रेस ने 1984 में वापसी की और खुर्शीद आलम खान सांसद बने. साल 1989 में भारतीय जनता दल के संतोष यहां से जीते. साल 1991 में कांग्रेस ने यहां वापसी की और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने जीत दर्जकर संसद पहुंचे.

साल 1996 में भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट पर पहली बार जीत दर्ज की, स्वामी सच्चिदानद हरी साक्षी यहां से एमपी चुने गए. 1999 में सपा ने यहां जीत का खाता खोला. साल 2004 में कांग्रेस ने सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद को टिकट दिया, लेकिन समाजवादी मुन्नू भईया ने दोबारा इस सीट पर कब्जा जमाया. साल 2009 में हुए आम चुनावों में कांग्रेस के सलमान खुर्शीद ने बहुजन समाजवादी पार्टी के नरेश चन्द्र अग्रवाल को हराया. साल 2014 में मोदी लहर के कारण ये सीट बीजेपी के पाले में चली गई.