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लोकसभा चुनाव 2019: अकोला में प्रकाश अंबेडकर भेद पाएंगे BJP का किला! त्रिकोणीय है मुकाबला

महाराष्‍ट्र की अकोला लोकसभा सीट पर 18 अप्रैल को वोटिंग होगी. यहां से डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर चुनाव मैदान में हैं. वह यहां से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं.

लोकसभा चुनाव 2019: अकोला में प्रकाश अंबेडकर भेद पाएंगे BJP का किला! त्रिकोणीय है मुकाबला
चुनाव मैदान में हैं प्रकाश अंबेडकर. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : लोकसभा चुनाव 2019 (lok sabha elections 2019) के तहत महाराष्‍ट्र की दस सीटों पर 18 अप्रैल को दूसरे चरण के वोट पड़ेंगे. इस बार यहां की अकोला लोकसभा सीट से डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश आंबेडकर चुनाव मैदान में हैं. वह यहां से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं. साथ ही वह बीजेपी और कांग्रेस को इस सीट से टक्‍कर देंगे. ऐसे में यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है. इस सीट पर 18 अप्रैल को दूसरे चरण के तहत वोटिंग होनी है.

6 विधानसभा सीटें हैं इस क्षेत्र में
महाराष्‍ट्र की अकोला लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत छह विधानसभा सीटें आती हैं. यह सीटें अकोट, बालापुर, अकोला वेस्‍ट, अकोला ईस्‍ट, मुर्तिजापुर और रिसोड़ हैं. इस लोकसभा सीट पर 1951 में हुए पहले आम चुनाव में कांग्रेस के गोपालराव बाजीराव खेडकर ने जीत दर्ज की थी.

 

1989 में बीजेपी ने कांग्रेस से छीनी थी सीट
अकोला लोकसभा सीट पर 1951 से लेकर 1989 तक कांग्रेस का कब्‍जा रहा. लेकिन 1989 में हुए आम चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली थी. इसके बाद से अब तक इस सीट पर कांग्रेस नहीं लौट पाई है. 1989 में बीजेपी के पांडुरंग फुंडकर ने यहां से जीत हासिल कर कांग्रेस का पुराना किला ढहा दिया था. इसके बाद पांडुरंग ने 1991 और 1996 का भी चुनाव यहां से जीता.

यहां से 2 बार सांसद रहे हैं प्रकाश अंबेडकर
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के पौत्र प्रकाश अंबेडकर महाराष्‍ट्र की अकोला लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं. 1998 में हुए चुनाव में प्रकाश अंबेडकर ने बीजेपी के पांडुरंग फुंडकर को हराया था. प्रकाश ने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के टिकट पर चुनाव जीता था. इसके बाद प्रकाश अंबेडकर 1999 में हुए चुनाव में भरीपा बहुजन महासभा की टिकट से दोबारा लोकसभा पहुंचे थे.

2004 में फिर आई बीजेपी
2004 में बीजेपी ने फिर इस सीट पर कब्‍जा किया. 2004 में बीजेपी के संजय धोत्रे ने यहां से जीत दर्ज की थी. इसके बाद संजय धोत्रे ने 2009 में फिर जीत दर्ज की. संजय धोत्रे ने बीजेपी के टिकट पर यहां से जीत की हैट्रिक लगाई. इस बार भी बीजेपी ने संजय धोत्रे को मैदान में उतारा है.