लोकसभा चुनाव 2019: गुंटूर सीट पर अब तक नहीं खुला बीजेपी का खाता, क्या इस बार खिलेगा कमल

गुंटूर लोकसभा के अंतर्गत सात विधानसभा सीटें आती हैं. यहां पर अभी तक टीडीपी और कांग्रेस में टक्कर देखने को मिलती रही है लेकिन वाईएसआर कांग्रेस एक बार फिर से पूरे दमखम के साथ मैदान में है. ऐसे में मुकाबला रोचक है.  

लोकसभा चुनाव 2019: गुंटूर सीट पर अब तक नहीं खुला बीजेपी का खाता, क्या इस बार खिलेगा कमल
बीजेपी का गुंटूर में अब तक खाता नहीं खुला है.

गुंटूर: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए गुंटूर लोकसभा सीट पर 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही है लेकिन पिछले चुनाव में टीडीपी ने बाजी मारी थी. बीजेपी का अभी तक इस सीट पर खाता नहीं खुला है. गुंटूर में देश के चुनिंदा शैक्षणिक संस्थान हैं. गुंटूर लोकसभा के अंतर्गत सात विधानसभा सीटें आती हैं. यहां पर अभी तक टीडीपी और कांग्रेस में टक्कर देखने को मिलती रही है लेकिन वाईएसआर कांग्रेस एक बार फिर से पूरे दमखम के साथ मैदान में है. ऐसे में मुकाबला रोचक है.  

टीडीपी के सामने सीट बचाने की चुनौती 
गुंटूर लोकसभा सीट पर फिलहाल टीडीपी का कब्जा है. 2014 के चुनाव में टीडीपी के जयदेव गाल्ला ने करीबी मुकाबले में वाईएसआर कांग्रेस के वल्लभमणि बालाशॉवरी को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन टीडीपी के गाल्ला 76,000 वोट से सीट जीतने में कामयाब रहे थे. इस बार टीडीपी ने फिर से अपने मौजूदा सांसद पर भरोसा जताया है. बीजेपी ने वल्लूरु जयप्रकाश नारायण को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने शैक मस्तान वली को टिकट दिया है. वाईएसआर कांग्रेस ने इस बार वेणुगोपाल रेड्डी पर दांव लगाया है.  

 

बीजेपी का नहीं खुला अब तक यहां खाता
बीजेपी का गुंटूर में अब तक खाता नहीं खुला है. 2014 में बीजेपी ने टीडीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन इस बार पार्टी अकेले मैदान में है. वैसे इस सीट पर कांग्रेस और टीडीपी के बीच चुनीवी जंग होती रही है. टीडीपी ने 1991 में पहली बार यह सीट कांगेस से छीनी थी. हालांकि 1996, 1998 में कांग्रेस ने फिर से इस सीट वापस पाई. लेकिन 1999 में फिर से हार का सामना करना पड़ा. 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 10 तक इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा. 2009 के चुनाव में बीजेपी को 10,797 वोट मिले थे.