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लोकसभा चुनाव 2019 को प्रभावित कर सकती है FAKE न्‍यूज, सर्वे में सामने आई बात

लोकसभा चुनाव 2019 पर फर्जी खबरों, गलत सूचनाओं के प्रभाव का पता लगाने के लिए सोशल मीडिया मैटर्स द्वारा एक सर्वेक्षण किया गया था. यह एक ऑनलाइन सर्वेक्षण था. सर्वे के मुताबिक लोकसभा चुनाव फेक न्यूज के प्रसार से प्रभावित होगा.

लोकसभा चुनाव 2019 को प्रभावित कर सकती है FAKE न्‍यूज, सर्वे में सामने आई बात
सोशल मीडिया मैटर्स द्वारा एक सर्वेक्षण किया गया. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : लोकसभा चुनाव 2019 का आगाज हो चुका है और अनुमानित 90 करोड़ मतदाता अपने मत का इस्तेमाल कर सरकार बनवाएंगे. लेकिन एक सर्वे के मुताबिक करोड़ों मतदाता और उम्मीदवार को वोट देने से पहले नकली समाचारों के प्रभाव से जूझ रहे हैं. लोकसभा चुनाव 2019 में पहली बार लगभग 9.4% मतदाताओं की वृद्धि देखी जाएगी, जो नई सरकार के गठन में निर्णायक दर्शक होंगे.

दरअसल लोकसभा चुनाव 2019 पर फर्जी खबरों, गलत सूचनाओं के प्रभाव का पता लगाने के लिए सोशल मीडिया मैटर्स द्वारा एक सर्वेक्षण किया गया था. यह एक ऑनलाइन सर्वेक्षण था. सर्वे के मुताबिक लोकसभा चुनाव फेक न्यूज के प्रसार से प्रभावित होगा. 

 

सर्वे की अहम बातें :

1.  54% सैंपल जनसंख्या में बातचीत करने वाले वर्ग की आयु 18-25 वर्ष है.

2.  सर्वे 56% पुरुषों, 43% महिलाओं और 1% ट्रांसजेंडरों द्वारा भरा गया है. 

3.  #DontBeAFool फेक न्यूज पर सर्वेक्षण है, जो यह समझने के लिए किया गया है कि क्या राय बनाने में फेक न्यूज का प्रभाव है या नहीं. 

4.  इस सर्वे का मकसद मतदाता के पक्ष को समझने का है और ये जानने का कि वे चुनावों के दौरान गलत सूचना से प्रभावित होते हैं या नहीं.

5.  सर्वे के मुताबिक 62% सैम्पल जनसंख्‍या का मानना है कि लोकसभा चुनाव 2019 फेक न्यूज़ के प्रसार से प्रभावित होगा.

6. सर्वे देशभर के 628 मतदाताओं के सैंपल के आकार पर आधारित है. जिन्होंने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से फेक न्यूज की पहचान करने के अपने विचार और व्यक्तिगत अनुभव व्यक्त किए हैं.

7. फेसबुक और व्हाट्सएप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल.

8. सर्वेक्षण बताता है कि 53% सैम्पल को विभिन्न चैनलों पर नकली समाचार/गलत जानकारी मिली थी.

9. फेसबुक और व्हाट्सएप गलत सूचना के प्रसार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख मंच हैं. सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि 96% सैम्पल जनसंख्या को व्हाट्सएप के माध्यम से नकली समाचार प्राप्त हुए हैं. 

10.  48% जनसंख्या इस बात से सहमत हुई कि उन्हें पिछले 30 दिनों में किसी न किसी माध्यम से फेक न्यूज प्राप्त हुई थी.

11. सर्वे में सामने आया है कि 41% लोगों ने फेक न्यूज की पहचान करने के लिए गूगल, फेसबुक और ट्विटर की मदद ली.