जहीराबाद लोकसभा सीट: कांग्रेस और टीआरएस की टक्कर, बीजेपी मूकदर्शक

जाहिराबाद संसदीय क्षेत्र में 11 अप्रैल को वोटिंग हो चुकी है. अब देखना यह होगा कि 23 मई को वोटिंग रिजल्ट में किस प्रत्याशी को जीत मिलती है?

जहीराबाद लोकसभा सीट: कांग्रेस और टीआरएस की टक्कर, बीजेपी मूकदर्शक
जाहिराबाद लोकसभा सीट से टीआरएस के प्रत्याशी बी बी पाटिल. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

जहीराबाद: तेलंगाना की जाहिराबाद सीट पर लोकसभा चुनाव 2019 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है. टीआरएस ने इस फिर से मौजूदा सांसद बी.बी. पाटिल पर विश्वास जताया है. उनके खिलाफ कांग्रेस ने सुरेश कुमार सेतकर को प्रत्याशी बनाया है. वहीं, बीजेपी ने इस बार यहां से बानाल लक्ष्मा रेड्डी (Banala Laxma Reddy) को टिकट दिया है. जाहिराबाद संसदीय क्षेत्र में 11 अप्रैल को वोटिंग हो चुकी है. अब देखना यह होगा कि 23 मई को वोटिंग रिजल्ट में किस प्रत्याशी को जीत मिलती है?

जहीराबाद तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में एक बड़ा कस्बा है. परिसीमन के बाद 2008 में पहली बार जहीराबाद लोकसभा सीट अस्तित्व में आई थी. 2009 के आम चुनाव में यहां से कांग्रेस के सुरेश कुमार सेतकर जीते थे. वहीं, 2014 में टीआरएस के बीबी पाटिल ने फतह हासिल की. इसमें मेडक जिले की तीन विधानसभा सीटें और कामारेड्डी जिले की चार विधानसभा सीटें आती हैं.

2014 के लोकसभा चुनाव में जहीराबाद सीट से टीआरएस के प्रत्याशी बीबी पाटिल को इस संसदीय क्षेत्र में 46.46 फीसदी यानी 5,08,661 वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेसी सुरेश कुमार सेतकर ने 33.25 प्रतिशत (3,64,030 वोट) हासिल किए थे. इसके अलावा तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले टीडीपी उम्मीदवार के. मदन मोहन राव को 14.39 फीसदी यानी 1,57,497 वोट मिले थे. बता दें कि यहां 77.28 फीसदी यानी 10,94,806 मतदाताओं ने मतदान किया था.

जाहिराबाद लोकसभा क्षेत्र में सात विधानसभा सीटे आती हैं. इनमें जुक्कल, अंडोले और जाहिराबाद अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीटें हैं तो बांसवाड़ा, कामारेड्डी, नारायनखेड और  येल्लारेड्डी अनारक्षित सीटें हैं. 2018 के विधानसभा चुनावों में सात में से छह सीटों पर टीआरएस को जीत मिली थी तो एक सीट पर कांग्रेस ने फतह हासिल की थी.

तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर पहले चरण यानी 11 अप्रैल को वोटिंग हो चुकी है. 10 मार्च को लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद 18 मार्च को नोटिफिकेशन निकाला गया और 25 मार्च को नॉमिनेशन की अंतिम तारीख घोषित की गई. इसके बाद 26 मार्च को प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई और 11 अप्रैल को वोटिंग हुई.

भारत के आंध्रप्रदेश राज्य से अलग होकर तेलंगाना भारत का 29वां राज्य बना था. दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी हैदराबाद है. राज्य में मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की अगुवाई में टीआरएस पार्टी की सरकार है. इस राज्य में 119 विधानसभा सीटें और 17 लोकसभा सीटें हैं. वहीं प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 31 है.