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झारखंड: धमाकेदार जीत के लिए महागठबंधन ने बनाई रणनीति, एनडीए ने साधा निशाना

 महागठबंधन ने चुनाव को साधने के लिए जेएमएम, कांग्रेस, जेवीएम और आरजेडी के दो-दो सदस्यों की कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई गई है. 

झारखंड: धमाकेदार जीत के लिए महागठबंधन ने बनाई रणनीति, एनडीए ने साधा निशाना
कॉर्डिनेशन कमेटी में निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच ताल मेल बनाने पर चर्चा हुई.

रांची: झारखंड में लोकसभा की 14 सीटों के लिए मतदान होना है. यहां महागठबंधन सभी 14 लोकसभा की सीट पर चुनाव जीतने की रणनीति बनाने में जुटी है. महागठबंधन ने चुनाव को साधने के लिए जेएमएम, कांग्रेस, जेवीएम और आरजेडी के दो-दो सदस्यों की कॉर्डिनेशन कमेटी बनाई गई है. 

कॉर्डिनेशन कमेटी में निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच ताल मेल बनाने पर चर्चा हुई, ताकि जॉइंट कैम्पेन से लेकर ग्राउंड लेबल का कॉर्डिनेशन चुनाव में वोटिंग के दिन बना रहे पर बीजेपी का साफ मानना है महागठबंधन के नेता भले ही मिलकर आपस में चाय की चुस्की लें पर उनके कार्यकर्ताओं का दिल नहीं मिला है.

 

झारखंड में विपक्ष में सभी 14 लोकसभा सीट को साधने के लिए जेएमएम, कांग्रेस, जेवीएम और आरजेडी के बीच तालमेल किया है. 14 लोकसभा में से 13 पर महागठबंधन के 1-1 उम्मीदवार हैं , जबकि चतरा जो महागठबंधन में कांग्रेस खाते में आई है, आरजेडी ने पहले ही अपना उम्मीदवार उतार कर इसे फ्रेंडली फाइट बना दिया है. 

सभी सीटों को साधने के लिए महागठबंधन के नेता ने सभी दल के दो-दो लोगों की कॉर्डिनेशन कमेटी बना कर झारखंड की चुनावी सियासत को साधने में जुटी है. दरअसल महागठबंधन के नेता और निचले स्तर पर सभी दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाने से लेकर साझा चुनाव प्रचार की रणनीति बनी.

झारखंड में महागठबंधन के नेता भले ही चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं लेकिन बीजेपी की मानें तो महागठबंधन के नेताओं की जितनी बैठक होगी, उनके दलों के कार्यकर्ताओं के बीच उतनी दूरी बढ़ेगी. महागठबन्धन के नेता भले ही कॉर्डिनेशन के बहाने चाय की चुस्की ले लें पर लेकिन ग्राउंड लेबल पर उनके कार्यकर्ता का दिल नहीं मिला है.

महागठबंधन के कॉर्डिनेशन पर बीजेपी ने सवाल उठाया तो महागठबंधन के नेताओं ने भी पलटवार किया. महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि बीजेपी पहले तो कह रही थी, महागठबंधन बनेगा ही नहीं. अब जब महागठबंधन बन गया और अब मजबूती से लड़ भी रहा है.  

झारखंड में मिशन 19 का मुकाबला बेहद दिलचस्प होता जा रहा है, एक तरफ एनडीए दूसरी तरफ महागठबंधन है. अब बारी जमीन पर जंग जीतने की है. ऐसे में चुनावी मौसम में मुकाबला आमने-सामने का है. अब जनता को ही तय करना है कि वो किसे चुनती है.