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मैं मतदाताओं के फैसले के साथ कथित छेड़छाड़ की खबरों को लेकर चिंतित हूं: प्रणब मुखर्जी

लोकसभा चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्‍न कराने पर चुनाव आयोग की प्रशंसा करने के बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ईवीएम विवाद पर अपने ताजा बयान में कहा है, ''मैं मतदाताओं के फैसले के साथ कथित छेड़छाड़ की खबरों को लेकर चिंतित हूं.'' इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि ईवीएम की सुरक्षा चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है.

मैं मतदाताओं के फैसले के साथ कथित छेड़छाड़ की खबरों को लेकर चिंतित हूं: प्रणब मुखर्जी

नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्‍न कराने पर चुनाव आयोग की प्रशंसा करने के बाद पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ईवीएम विवाद पर अपने ताजा बयान में कहा है, ''मैं मतदाताओं के फैसले के साथ कथित छेड़छाड़ की खबरों को लेकर चिंतित हूं.'' इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि ईवीएम की सुरक्षा चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है.

इससे पहले, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का एक बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग की सराहना करते हुए कहा था कि 2019 का लोकसभा चुनाव शानदार तरीके से संपन्न कराया गया. मुखर्जी ने एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर कहा था कि पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन के समय से लेकर मौजूदा चुनाव आयुक्तों तक संस्थान ने बहुत अच्छे से काम किया है.

चुनाव आयोग ने ईवीएम से जुड़ी शिकायतों को किया खारिज

उधर, चुनाव आयोग ने मतदान के बाद ईवीएम को मतगणना स्थलों तक पहुंचाने में गड़बड़ी और दुरुपयोग को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों से मिली शिकायतों को शुरुआती जांच के आधार पर गलत बताते हुये खारिज कर दिया है. आयोग के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि मशीनों को मतगणना केन्द्रों तक ले जाने और रखरखाव में गड़बड़ी की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुये संबद्ध राज्यों के जिला निर्वाचन अधिकारियों से तत्काल जांच रिपोर्ट ली गई. जांच में पाया गया कि जिन मशीनों की शिकायत की गयी है वे रिजर्व मशीनें थीं. इनका मतदान में इस्तेमाल नहीं किया गया था. मतदान के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी होने पर रिजर्व मशीनों से बदला जाता है.

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उल्लेखनीय है कि आयोग ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी तथा बिहार की सारन सीट पर मतदान के बाद ईवीएम के दुरुपयोग की शिकायतों पर कार्रवाई के आधार पर किसी भी तरह की गड़बड़ी और दुरुपयोग की आशंका से इंकार किया.

आयोग ने झांसी में शिकायत की जांच के बाद स्थानीय निर्वाचन अधिकारी के बयान का हवाला देते हुये कहा, ‘‘मतदान में इस्तेमाल हुई ईवीएम और वीवीपेट को व्यवस्थित रूप से सील करने के बाद मतगणना केन्द्रों पर बने स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है. इन जगहों पर केन्द्रीय पुलिस बल के जवान तैनात हैं. स्ट्रांग रूम को उम्मीदवार और उनके निर्धारित प्रतिनिधि कभी भी देख सकते हैं.’’ आयोग ने पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किये जाने के आधार पर मशीनों के दुरुपयोग और रखरखाव में गड़बड़ी की शिकायतों को गलत बताया.

चुनाव आयोग पहुंचे नेता
इस बीच लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ईवीएम एवं वीवीपैट के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को यहां एक बैठक की और फिर चुनाव आयोग पहुंचे. यहां हुई बैठक में ईवीएम से जुड़ी शिकायतों एवं वीवीपैट के मुद्दे पर चर्चा की गई.

सूत्रों के मुताबिक, पहले यह योजना थी कि बैठक के बाद विपक्षी नेता कांस्टीट्यूशन क्लब से पैदल मार्च करते हुए चुनाव आयोग जाएंगे, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया. विपक्षी नेता चुनाव आयोग से वीवीपैट की पर्चियों का मिलान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक करने एवं कई स्थानों पर स्ट्रांगरूम से ईवीएम के कथित स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग करेंगे.

विपक्ष का यह भी कहना है कि अगर किसी बूथ पर वीवीपैट की पर्ची का मिलान सही नहीं पाया जाता है तो पूरे संसदीय क्षेत्र की पर्चियां गिनी जाएं. विपक्षी नेताओं की बैठक में कांग्रेस से अहमद पटेल, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद और अभिषेक मनु सिंघवी, माकपा से सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओब्रायन, तेदेपा से चंद्रबाबू नायडू, आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, सपा से रामगोपाल यादव, बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा एवं दानिश अली, द्रमुक से कनिमोई, राजद से मनोज झा, राकांपा से प्रफुल्ल पटेल एवं माजिद मेमन और कई अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए.

(इनपुट: एजेंसी भाषा से भी)