वाराणसी से सपा ने शालिनी यादव को बनाया प्रत्याशी, पीएम मोदी के खिलाफ लड़ेंगी चुनाव

लोकसभा चुनाव 2019 की सबसे हाई प्रोफाइल सीट वाराणसी लोकसभा सीट है. पीएम मोदी यहां से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं. समाजवादी पार्टी ने उनके खिलाफ शालिनी यादव को मैदान में उतारा है. शालिनी कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी रह चुकी हैं. 

वाराणसी से सपा ने शालिनी यादव को बनाया प्रत्याशी, पीएम मोदी के खिलाफ लड़ेंगी चुनाव
आज ही शालिनी समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 की सबसे हाई प्रोफाइल सीट वाराणसी लोकसभा सीट है. पीएम मोदी यहां से फिर से चुनाव लड़ रहे हैं. समाजवादी पार्टी ने उनके खिलाफ शालिनी यादव को मैदान में उतारा है. शालिनी कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी रह चुकी हैं. शालिनी यादव के ससुर स्वर्गीय श्यामलाल यादव पूर्व केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे. राज्यसभा के उपसभापति रह चुके हैं. आज ही शालिनी समाजवादी पार्टी में शामिल हुईं और आज ही उन्हें पार्टी ने टिकट दे दिया. सपा ने चंदौली सीट से भी अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है. संजय चौहान को यहां से टिकट दिया है. 

समाजवादी पार्टी ने मिर्ज़ापुर का टिकट बदला
बीजेपी सांसद रामचरित्र निषाद को मिर्ज़ापुर से सपा ने प्रत्याशी बनाया है. सपा ने पहले यहां से राजेंद्र एस बिंद को टिकट दिया था. रामचरित्र निषाद मछलीशहर से बीजेपी सांसद थे. पार्टी ने उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया जिससे नाराज होकर उन्होंने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था. मिर्ज़ापुर से अपना दल संयोजक अनुप्रिया पटेल चुनाव लड़ रही हैं. अनुप्रिया ने पिछले चुनाव में यहां से 2 लाख से ज्यादा वोट से जीत हासिल की थी. 2014 के चुनाव में सपा यहां चौथे नंबर पर रही थी. दूसरे नंबर पर बसपा प्रत्याशी समुद्र बिंद रहे थे. इस बार सपा-बसपा मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए मुकालबा जोरदार होने की संभावना है. 

कांग्रेस ने नहीं खोले पत्ते
उधर, कांग्रेस ने अभी तक वाराणसी से टिकट फाइनल नहीं किया है. पार्टी महासचिव कई रैलियों में यह जरूर कह चुकी हैं कि अगर राहुल उन्हें आदेश तो वह वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हैं. पिछली बार 2014 के चुनाव में कांग्रेस ने अजय राय को मैदान में उतारा था. अजय 75614 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे. पीएम मोदी को 5,81, 022 वोट मिले थे. दूसरे स्थान पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 वोट मिले थे. इस तरह से पीएम मोदी ने केजरीवाल को करीब 3,71,784 वोट से हराया था.