close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी टेंशन, UN महासचिव बोले- तत्काल तनाव कम करें'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने यहां मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘महासचिव ने दोनों पक्षों के अत्यधिक संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया. यदि दोनों पक्ष राजी होते हैं तो वह मध्यस्थता के लिए हमेशा तैयार हैं.’ 

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी टेंशन, UN महासचिव बोले- तत्काल तनाव कम करें'
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि वे भारत-पाकिस्तान के बीच शांति चाहते हैं.
Play

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भारत और पाकिस्तान से अपील की है कि वे पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम करने के लिए ‘तत्काल कदम’ उठाएं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने यहां मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘महासचिव ने दोनों पक्षों के अत्यधिक संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया. यदि दोनों पक्ष राजी होते हैं तो वह मध्यस्थता के लिए हमेशा तैयार हैं.’ 

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी मिशन ने महासचिव के साथ बैठक का अनुरोध किया है. इसके अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए कदम उठाने चाहिए.

दुजारिक से जब इसके संबंध में प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान के बीच हालात देखकर, हम पुलवामा में 14 फरवरी को भारतीय सुरक्षाबलों पर हुए हमले के मद्देनजर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने को लेकर काफी चिंतित हैं.’

उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के मिशन ने महासचिव के साथ बैठक का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा, ‘हमने संयुक्त राष्ट्र को पत्र भेजे जाने संबंधी प्रेस रिपोर्ट देखी हैं. जहां तक हमें पता चला है, अभी तक ऐसा कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है.’ गुतारेस ने आतंकवादी हमले की पिछले सप्ताह कड़ी निंदा की थी. 

आतंकवादी हमले पर दुजारिक ने कहा, ‘हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं और हमला करने वालों को न्याय के दायरे में लाए जाने का आह्वान करते हैं.’