इमरान का बड़ा बयान- अपनी धरती पर ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी के बारे में जानता था पाकिस्तान
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इमरान का बड़ा बयान- अपनी धरती पर ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी के बारे में जानता था पाकिस्तान

पाकिस्तान ने अब तक यही कहता आया है कि दो मई 2011 को एबटाबाद में अमेरिकी विशेष बलों द्वारा रात के समय लादेन को गोलियों से भून देने तक उसे ओसामा बिन लादेन के ठिकाने की कोई जानकारी नहीं थी. 

इमरान का बड़ा बयान- अपनी धरती पर ओसामा बिन लादेन की मौजूदगी के बारे में जानता था पाकिस्तान

वाशिंगटन: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनके देश को आतंकी ओसामा बिन लादेन की उसकी धरती पर मौजूदगी के बारे में पता था. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया सेवा इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने ही अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को जानकारी मुहैया कराई, जिसकी मदद से अमेरिका अल कायदा प्रमुख लादेन तक पहुंचा था. 

उनकी यह टिप्पणी पाकिस्तान के आधिकारिक रुख के उलट आई है. पाकिस्तान ने आधिकारिक रूप से यही कहा कि दो मई 2011 को एबटाबाद में अमेरिकी विशेष बलों द्वारा रात के समय लादेन को गोलियों से भून देने तक उसे ओसामा बिन लादेन के ठिकाने की कोई जानकारी नहीं थी. 

इंटरव्यू में कही इमरान ने यह बात
अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर आए खान ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में यह टिप्पणी की. उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान जेल में बंद डॉक्टर शकील अफरीदी को रिहा कर देगा, जिसने अलकायदा प्रमुख को ढूंढने में अहम भूमिका निभाई थी?

इस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह आईएसआई थी जिसने ओसामा बिन लादेन के स्थान की जानकारी दी. अगर आप सीआईए से पूछें, तो (पता चलेगा कि) यह आईएसआई थी जिसने फोन के माध्यम से प्रारंभिक स्थान के बारे में बताया था.' 

ओसामा का एनकाउंटर पाक के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय शर्मिंदगी थी
अफरीदी की रिहाई पर खान ने कुछ नहीं कहा. जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी डॉक्टर की रिहाई के लिए कहा है. पाकिस्तानी नेता ने कहा कि अफरीदी मुद्दे को पाकिस्तान में भावनात्मक तौर पर लिया जाता है, क्योंकि वह अमेरिकी जासूस थे. पाकिस्तान की नाक के नीचे ओसामा का एनकाउंटर एक बड़ी राष्ट्रीय शर्मिंदगी थी.

पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर इस बात से इनकार कर दिया था कि ओसामा उसके इलाके में रह रहा था. 2015 में एक पूर्व मुखबिर असद दुरार्नी ने 'अल-जजीरा' से कहा था कि आईएसआई को शायद पता था कि वह कहां छिपा था और उसे मारने से पहले सौदेबाजी के रूप में इस्तेमाल करने की उम्मीद थी.

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