close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

VIDEO: केंद्रीय मंत्री का बयान, 'यदि कोई हिंदू लड़की को छूता है तो उसका हाथ नहीं बचना चाहिए'

अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले केंद्रीय रोज़गार और कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े एक बार फिर चर्चा में हैं.

VIDEO: केंद्रीय मंत्री का बयान, 'यदि कोई हिंदू लड़की को छूता है तो उसका हाथ नहीं बचना चाहिए'
केंद्रीय रोज़गार और कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली:  अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले केंद्रीय रोज़गार और कौशल विकास राज्य मंत्री अनंत कुमार हेगड़े एक बार फिर चर्चा में हैं. उन्होंने कहा कि यदि किसी हिंदू लड़की को कोई छूता है तो उस हाथ का अस्तित्व भी नहीं रहना चाहिए. वह कर्नाटक के कोडागू में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने अपने भाषण में कहा, "हमें अपने समाज की प्राथमिकताओं के बारे में पुनर्विचार करना होगा. हमें जाति के बारे में नहीं सोचना चाहिए. यदि किसी हिंदू लड़की को कोई छूता है, तो उस हाथ का अस्तित्व नहीं रहना चाहिए.''

साल 2017 में कोप्पल जिले के कुकनूर में एक कार्यक्रम के दौरान हेगड़े ने कहा था, "लोग धर्मनिरपेक्ष शब्द से इसलिए सहमत हैं, क्योंकि यह संविधान में लिखा है. इसे (संविधान) बहुत पहले बदल दिया जाना चाहिए था और अब हम इसे बदलने जा रहे हैं." उन्होंने कहा था, "जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं, वे बिना माता-पिता से जन्में की तरह हैं."

51 वर्षीय केंद्रीय मंत्री ने कहा था, "अगर कोई कहता है कि मैं मुस्लिम, ईसाई, लिंगायत, ब्रह्मण या हिंदू हैं तो मुझे खुशी महसूस होती है, क्योंकि वे अपनी जड़ों को जानते हैं. जो खुद को धर्मनिरपेक्ष कहते हैं, मैं नहीं जानता उन्हें क्या कहा जाए."

अपने 'संविधान बदलने' के बयान पर माफी मांगी
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के संविधान एवं धर्मनिरपेक्षता के बारे में दिए गए बयान पर उठे विवाद को समाप्त करने की पहल करते हुए सरकार ने इससे अपने आप को अलग किया और लोकसभा में हेगड़े ने इसे लेकर माफी मांग ली थी. कांग्रेस एवं कुछ अन्य दलों के सदस्यों ने मंत्री के बयान का मुद्दा उठाने की कोशिक की थी. केंद्रीय मंत्री हेगड़े ने इस पर तत्काल खड़े होकर कहा कि उनकी संविधान, बाबा साहब भीम राव अंबेडकर और संसद में पूरी निष्ठा है. इसके बारे में उन्हें कोई भी शक नहीं है. किसी के बारे में उनकी निष्ठा कम नहीं हो सकती है.