आंध्र प्रदेश का कालहस्ती मंदिर, जो सूर्य ग्रहण के दौरान भी रहता है खुला, होती है पूजा अर्चना

आंध्र प्रदेश का मशहूर कालहस्ती मंदिर सूर्य ग्रहण के दौरान भी खुला रहेगा जबकि बाकी सभी मंदिर 13 घंटों के लिए बंद रहेंगे. 

आंध्र प्रदेश का कालहस्ती मंदिर, जो सूर्य ग्रहण के दौरान भी रहता है खुला, होती है पूजा अर्चना

तिरुपति: सूर्य ग्रहण (Solar eclipse) के दौरान जहां देश भर के मंदिर (temple) बंद रहेंगे वहीं एक मंदिर ऐसा भी है जो सूर्य ग्रहण के दौरान भी खुला रहेगा. जी हां आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) का मशहूर कालहस्ती मंदिर सूर्य ग्रहण के दौरान भी खुला रहेगा जबकि बाकी सभी मंदिर 13 घंटों के लिए बंद रहेंगे. 

इस मंदिर में भक्तों के लिए राहु केतू पूजा के अलावा यहां कालहस्तीश्वर स्वामी की अभिशेकम पूजा की जाती है. जिनके ज्योतिष में कोई दोष है वे यहां ग्रहण के दौरान आते हैं और राहू केतू पूजा के बाद  भगवान शिव और देवी ज्ञानप्रसूनअंबा (मां पार्वती) की भी पूजा करते हैं.  

सूर्य ग्रहण के दौरान भी पूजा पाठ होने के कारण पौराणिक कथाओं में छिपे हैं. दरअसल इस मंदिर में स्थापित भगवान शिव के मूर्ति में सभी 27 नक्षत्र और 9 राशि उपस्थित हैं. भगवान शिव की मूर्ति धातु से बनी और पूरे सौलर सिस्टम को नियंत्रित करती है. 

मंदिर के पूजारी मारूती शर्मा ने कहा, दरअसल यह श्री कालहस्ती मंदिर को राहू केतु षष्ठम हैं. यहां भगवान शिव और मां पार्वती के साथ राहू और केतू भी हैं. 

(इनपुट - डीएम शेषागिरी)