कुंभ में दिख रही बाबाओं की अजब-गजब दुनिया, जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

नागा महंत शक्ति गिरी ने अपने शरीर और सिर के ऊपर रुद्राक्ष मुकुट पर कबूतर तो अपने गले की माला में भगवान गणेश के वाहन चूहे को भी सजा रखा है.

कुंभ में दिख रही बाबाओं की अजब-गजब दुनिया, जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान
नागा महंत शक्ति गिरी कुंभ में चर्चा का विषय बने हुए हैं.

प्रयागराज: कुंभ मेले में बाबाओं का अनोखा अंदाज लोगों को आकर्षित कर रहा है. कोई बाबा एक पैर पर खड़ा है तो कोई एक हाथ ऊपर किए हुए है. कोई चंदन से श्रृंगार कर रहा है, तो वहीं कोई भगवान महाकाल के भक्त है, नागा साधू हैं जो रुद्राक्ष को ही अपना श्रृंगार बना लिया है. इतना ही नहीं एक बाबा ने अपने शरीर और सिर के ऊपर रुद्राक्ष मुकुट पर कबूतर तो अपने गले की माला में भगवान गणेश के वाहन चूहे को भी सजा रखा है. कुंभ मेले में साधुओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहता है. कुंभ मेले में हमेशा की तरह लोग साधुओं और नागा बाबाओं के साथ तस्वीरें खिंचाते दिख जाएंगे, साधुओं की अजब-गजब वेशभूषा भी चर्चा बनी रहती है.

कुंभ अपने आप में एक अनोखा और सबसे बड़ा धार्मिक मेला होता है और इस मेले में आने वाले साधु-संत अपने आप में अद्भुत और अनोखे होते हैं. नागाओं की दुनिया अपने आप में एकदम अलग और अद्वितीय मानी जाती है. नागाओं के दर्शन के लिए कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ लग जाती है. उनके सम्मान में श्रद्धालुओं का शीश अपने आप आदर के साथ झुक जाता है. इन्हीं में कुछ ऐसे बाबा मिलते हैं, जिनकी अलग वेशभूषा उनकी पहचान को और अलग कर देती है और उनके चर्चे एक श्रद्धालु से अनेक श्रद्धालुओं में बढ़ती चली जाती है और उस अनोखे बाबा को देखने के लिए लोगों का जमावड़ा लगने लगता है. 

ऐसे ही एक बाबा जूना अखाड़े से संबंधित हैं. महंत शक्ति गिरी, जिनकी अलग और अद्भुत वेशभूषा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. नागा महंत शक्ति गिरी के शरीर पर रुद्राक्ष की माला की कड़ियां लिपटी हुई है. इनके शरीर पर दिखने वाली रुद्राक्ष कि इन मालाओं का वजन 71 किलो है और रुद्राक्षों की संख्या सवा लाख है. इन अनोखे बाबा की अनोखी वेशभूषा पर चार चांद लगाते हैं. इनके मुकुट पर बैठे कबूतर और गले की मालाओं में टहलता हुए चूहा, जिसे वह भगवान गणेश का वाहन बताते हैं.

बाबाओं की अजब गजब दुनिया अपने आप में अनोखी और अद्भुत होती है. इस कुंभ में कई ऐसे अद्भुत और अनोखे बाबा आए हैं, जिनको देखने और उनसे आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु और भक्तों की भीड़ लगी रहती है. अनुष्ठान के वक्त ये अद्भुत वेशभूषा को धारण कर लेते हैं. शक्ति गिरी महाराज का कहना है कि इनकी यह रूद्राक्ष की मालाओं की संख्या अभी करीब ढाई लाख तक जाएगी और यह इसको तब तक धारण किए रहेंगे जब तक कि इनकी अनुष्ठान की पूर्ति नहीं हो जाती है. 

विश्व में सुख शांति समृद्धि और देश की उन्नति तरक्की ही इन साधु संतों महात्माओं की कल्पना और इच्छा होती है और यह उसी के लिए ऐसे तमाम अनुष्ठान और हठयोग करते रहते हैं.

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