Boxing: निखत जरीन और अमित स्ट्रांजा मेमोरियल टूर्नामेंट के फाइनल में

पी बासुमतारी, नीरज और लवलीना बोरगोहेन सेमीफाइनल में हार गईं. इस तरह उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. 

Boxing: निखत जरीन और अमित स्ट्रांजा मेमोरियल टूर्नामेंट के फाइनल में

नई दिल्ली: पूर्व जूनियर विश्व चैंपियन निखत जरीन (51 किग्रा) समेत तीन भारतीय महिला बॉक्सर 70वें स्ट्रांजा मेमोरियल टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गई हैं. उनके अलावा अलावा मंजू रानी (48 किग्रा) और मीना कुमारी देवी (54 किग्रा) भी फाइनल में पहुंच गई हैं. यह टूर्नामेंट बुल्गारिया के सोफिया में खेला जा रहा है. 

दो बार की राष्ट्रीय पदक विजेता निखत जरीन ने पोलैंड की सेमीफाइनल में सैंड्रा ड्राबिक को 3-2 से हराया. उन्होंने बेलारूस की बरयम याना को 5-0 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. उनके अलावा अलावा मंजू रानी और मीना कुमारी देवी ने भी अपने मुकाबले जीत लिए. 

मंजू रानी ने 48 किग्रा वर्ग में बुल्गारिया की एमी मारी तोदोरोवा को हराया. उन्होंने इटली की बोनाटी रोबर्टा को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. जबकि मीना कुमारी ने 54 किग्रा वर्ग में रूस की एकातेरिना सिचेवा को मात दी. मीना कुमारी ने पिछली बार इस टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था. 

पुरुष वर्ग में भारत की चुनौती सिर्फ अमित पंघाल (49 किलो) के रूप में बची है जो फाइनल में पहुंच चुके हैं. उन्होंने सेमीफाइनल में मोरक्को के सईद मोरातजी को 3-2 से हराया. अब फाइनल में उनका मुकाबला कजाकिस्तान के तमिरात्स जुसुपोव से होगा. अमित पंघाल ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था. 

पी बासुमतारी (64 किग्रा), नीरज (60 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा) सेमीफाइनल में अपने-अपने मुकाबले हार गईं. इस तरह उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा. भारत ने इस टूर्नामेंट में 19 बॉक्सर उतारे हैं. इनमें 10 महिलाएं और नौ पुरुष बॉक्सर शामिल हैं. भारत ने पिछली बार दो स्वर्ण समेत 11 पदक जीते थे. 

(इनपुट: भाषा/आईएएनएस)