HPCA सोसाइटी को कंपनी में तब्दील करने के मामले को लेकर SC में अहम सुनवाई आज

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह पूरा मामला राजनैतिक है. इस पर हम नहीं जाएंगे, लेकिन कोर्ट में सुनवाई हुई तो मैरिट पर होगी. जब राज्य सरकार इस मामले को वापस ले रही है तो हम इस मामले में दखल क्यों दें?

HPCA सोसाइटी को कंपनी में तब्दील करने के मामले को लेकर SC में अहम सुनवाई आज
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- यह पूरा मामला राजनैतिक है (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर से जुड़े हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) सोसाइटी को कंपनी में तब्दील करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. जस्टिस एके सिकरी और जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी. दरअसल, इससे पहले अनुराग ठाकुर के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वे इस केस में बहस करना चाहते है, जिसके बाद कोर्ट ने मामले की अंतिम सुनवाई तय की थी. सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर से पूछा था कि वो कोर्ट को बताए कि वो इस मामले में बहस करना चाहते हैं या फिर सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार को निचली अदालत में केस वापस लेने की अनुमति दे. 

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह पूरा मामला राजनैतिक है. इस पर हम नहीं जाएंगे, लेकिन कोर्ट में सुनवाई हुई तो मैरिट पर होगी. जब राज्य सरकार इस मामले को वापस ले रही है तो हम इस मामले में दखल क्यों दें?

एचपीसीए को कोर्ट ने कहा था कि यदि वह केस को वापस लेंगे तो ही राहत मिलेगी, इसे खारिज किया तो आपको दिक्कतें होंगी. हालांकि, अनुराग ठाकुर की ओर से पेश हुए वकीलों ने कहा था कि वह चाहते हैं कि कोर्ट प्राथमिकी को रद्द करें. 

कोर्ट को बताया था कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने उनके और कुछ आईएएस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. इस मामले में पूर्व सरकार ने कुल सात केस दर्ज किए हैं. दो केस तो हाईकोर्ट से ही रद्द कर दिया है. 

आपको बता दें कि हिमाचल सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कैबिनेट ने सभी पॉलिटिकल मोटिवेटेड केस वापस लेने का फैसला किया है. कोर्ट ने हिमाचल सरकार से पूछा था कि क्या अनुराग ठाकुर का केस भी इस दायर में आता है? अगर इस दायर में है, तो कैसे? और है तो केस वापस लिया जा सकता है? 

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार से इसपर रुख साफ करने को कहा था. हिमाचल सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वो सरकार से निर्देश लेकर आएंगे. एचपीसीए और अनुराग ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर धर्मशाला की निचली अदालत में दायर चार्जशीट और मुकदमे को रद्द करने की मांग की है.

दरअसल, हिमाचल की तत्कालीन कांग्रेस सरकार में अनुराग ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था.