रिटायरमेंट लेते हुए क्या बोले युवराज सिंह, एक-एक शब्द पढ़ें

क्रीज पर हमेशा सीना चौड़ा करके बॉलरों की धुनाई करने वाले युवराज ने रिटायरमेंट भी उसी अंदाज में लिया. वे रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए तनिक भी नहीं हिचके. प्रेस कांफ्रेंस में आए और एक योद्धा की तरह रिटायरमेंट का ऐलान कर गए.

रिटायरमेंट लेते हुए क्या बोले युवराज सिंह, एक-एक शब्द पढ़ें
युवराज की बदौलत भारत टी20 और 50 ओवर वाले टूर्नामेंट का विश्व खिताब जीत पाया. तस्वीर साभार: ANI

मुंबई: क्रिकेट के युवराज (Yuvraj Singh) ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है. वाकई युवराज (Yuvraj Singh) ना केवल भारतीय क्रिकेट के युवराज (Yuvraj Singh) हैं, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत के युवराज (Yuvraj Singh) हैं. यह प्लेयर जब तक क्रीज पर रहता फैंस बेफिक्र रहते, मन में बस एक ही बात आती, युवराज (Yuvraj Singh) है तो कुछ भी मुमकिन है. क्रीज पर हमेशा सीना चौड़ा करके बॉलरों की धुनाई करने वाले युवराज (Yuvraj Singh) सिंंह (Yuvraj Singh) ने रिटायरमेंट भी उसी अंदाज में लिया. वे रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए तनिक भी नहीं हिचके. प्रेस कांफ्रेंस में आए और एक योद्धा की तरह रिटायरमेंट का ऐलान कर गए.

इतने महान बल्लेबाज ने रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए जो बातें कहीं वह काफी मायने रखती है. 37 वर्षीय क्रिकेटर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैंने 25 साल के बाद अब क्रिकेट से आगे बढ़ने का फैसला किया है. क्रिकेट ने मुझे सब कुछ दिया और यही वजह है कि मैं आज यहां पर हूं.’

युवराज (Yuvraj Singh) ने कहा, ‘मैं बहुत भाग्यशाली रहा कि मैंने भारत की तरफ से 400 मैच खेले. जब मैंने खेलना शुरू किया था तब मैं इस बारे में सोच भी नहीं सकता था.’

उन्होंने कहा, ‘यह इस खेल के साथ एक तरह से प्रेम और नफरत जैसा रिश्ता रहा. मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता कि वास्तव में यह मेरे लिये कि''यने रखता है. इस खेल ने मुझे लड़ना सिखाया. मैंने जितनी सफलताएं अर्जित की उससे अधिक बार मुझे नाकामी मिली पर मैंने कभी हार नहीं मानी.’ उन्होंने कहा, ‘मैं इस बीमारी से हार मानने वाला नहीं था.’ 

बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने करियर के तीन महत्वपूर्ण क्षणों में विश्व कप 2011 की जीत और 'मैन ऑफ द सीरीज' बनना, टी20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर में छह छक्के जड़ना और पाकिस्तान के खिलाफ लाहौर में 2004 में पहले टेस्ट शतक को शामिल किया. 

विश्व कप 2011 के बाद कैंसर से जूझना उनके लिये सबसे बड़ी लड़ाई थी. इसके बाद हालांकि उनकी फार्म अच्छी नहीं रही. उन्होंने भारत की तरफ से आखिरी मैच जून 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे के रूप में खेला था. उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच 2012 में खेला था. इस साल आईपीएल में वह मुंबई इंडियन्स की तरफ से खेले लेकिन उन्हें अधिक मौके नहीं मिले. 

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युवराज (Yuvraj Singh) ने भारत की तरफ से 40 टेस्ट, 304 वनडे ओर 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. उन्होंने टेस्ट मैचों में 1900 और वनडे में 8701 रन बनाये. उन्हें वनडे में सबसे अधिक सफलता मिली. टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके नाम पर 1177 रन दर्ज हैं.