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स्टीमाक बने भारतीय फुटबॉल टीम के कोच, ये है उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि

स्टीमाक के मार्गदर्शन में 5 जून से थाईलैंड में शुरू होने वाले किंग्स कप में पहली बार भारतीय टीम खेलेगी.

स्टीमाक बने भारतीय फुटबॉल टीम के कोच, ये है उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि
एक कोच के रूप में स्टीमाक की सबसे बड़ी उपलब्धि क्रोएशिया को 2014 फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई कराना है. (फोटो साभार: twitter)

नई दिल्ली: क्रोएशिया के पूर्व खिलाड़ी इगोर स्टीमाक को बुधवार को यहां अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने भारत की पुरुष टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया. उन्हें दो साल का अनुबंध प्रदान किया है. स्टीमाक को कोचिंग समेत क्रोएशिया और इंटरनेशन लेवल पर फुटबॉल एवं खिलाड़ियों को विकसित करने में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है.

एक कोच के रूप में स्टीमाक की सबसे बड़ी उपलब्धि क्रोएशिया को 2014 फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई कराना है. राष्ट्रीय टीम के कोच के रूप में उन्होंने मैटयो कोवाचिक, एंटे रेबिक, एलेन हलीलोविक और इवान पेरेसिक समेत कई खिलाड़ियों को उनका पहला मैच खेलने का मौका दिया. उन्होंने डारियो सर्ना, डेनियल सबासिक, इवान स्ट्रीनिक, कोविचिक, पेरेसिक को बेहतर खिलाड़ी बनाने में अहम भूमिका निभाई. एक खिलाड़ी के रूप में स्टीमाक क्रोएशिया की उस टीम का हिस्सा थे जो 1998 विश्व कप में तीसरे पायदान पर रही थी.

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एआईएफएफ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "ब्लू टाइगर्स का कोच बनने के लिए इगोर सही उम्मीदवार हैं. मैं उनका स्वागत करता हूं. भारतीय फुटबॉल बदलाव के दौर से गुजर रहा है और मुझे विश्वास है कि उनका अनुभव हमें आगे ले जाएगा."

इस साल की शुरुआत में एएफसी एशियन कप के बाद स्टीफन कांस्टेनटाइन के इस्तीफा देने के बाद से एआईएफएफ ने करीब 250 नामों पर विचार किया. एआईएफएफ की तकनीकी समिति ने चार उम्मदीवारों को चुना और उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया. स्टीमाक के अलावा स्पेन के एल्बर्ट रोका, स्वीडन के हकान एरिकसन और दक्षिण कोरिया के ली मिन सुंग का साक्षात्कार लिया गया.

इसके बाद, श्याम थापा की अध्यक्षता वाली तकनीकी समिति ने स्टीमाक के नाम को मंजूरी के लिए कार्यकारी समिति के पास भेजा.

महासंघ के महासचिव कुशल दास ने कहा, "इगोर स्टीमाक के आने से भारत फुटबॉल को बहुत लाभ मिलेगा. एक कोच के रूप में उनकी साख और एक खिलाड़ी के रूप में उनका अनुभव खिलाड़ियों और भारतीय फुटबॉल के इको सिस्टम को और बेहतर करेगा. हमें अभी तक जो गति प्राप्त हुई है उसे बनाए रखना होगा."

थापा ने कहा, "स्टीमाक के नाम पर तकनीकी समिति के सभी सदस्य राजी हुए थे. तकनीकी निदेशक इसाक डोरू उनसे बहुत प्रभावित थे और वह निश्चित थे कि स्टीमाक इस काम के लिए सबसे अच्छे उम्मीदवार हैं. वह विश्व कप में खेल चुके हैं और एक कोच के रूप में भी क्रोएशिया को विश्व कप तक पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि इससे बेहतर उम्मीदवार कौन हो सकता है. वह इस बात से भी काफी प्रभावित हुए कि स्टीमाक भारतीय फुटबॉल बहुत अच्छी रिसर्च करके आए थे."

स्टीमाक के मार्गदर्शन में पांच जून से थाईलैंड में शुरू होने वाले किंग्स कप में पहली बार भारतीय टीम खेलेगी.

(इनपुट-आईएएनएस)