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मेरे गोल्ड सिर्फ मेडल नहीं, उन लोगों को जवाब भी हैं, जो मुझ पर उंगलियां उठाते हैं: दुती

23 साल की दुती चंद देश की नंबर-1 स्प्रिंटर हैं. उन्होंने हाल ही में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स की 100 मीटर रेस में गोल्ड जीता है. 

मेरे गोल्ड सिर्फ मेडल नहीं, उन लोगों को जवाब भी हैं, जो मुझ पर उंगलियां उठाते हैं: दुती
दुती चंद ने हाल ही में इटली में हुए वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है. (फोटो: Zee Media)

नई दिल्ली: देश की नंबर-1 स्प्रिंटर दुती चंद (Dutee Chand) अपने खेल से ज्यादा विवादों में रही हैं. चाहे हार्मोन विवाद हो या समलैंगिक रिश्तों की बात, दुती ने जब भी आवाज उठाई, तो उनके विरोध में भी स्वर मुखर हुए. लेकिन ओडीशा की इस लड़की ने ना तो ट्रैक पर हार मानी और ना ही कभी इससे बाहर. शायद यही कारण है कि जब वे वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड जीतकर स्वदेश लौटीं तो उन्होंने कहा कि यह मेडल विरोधियों को उनका जवाब है. दुती चंद वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स (World University Games) की 100 मीटर रेस में गोल्ड जीतने वाली भारत की पहली खिलाड़ी हैं. 

23 साल की दुती चंद ने इटली में हुए वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत का तिरंगा शान से लहराया. उन्होंने 11.32 सेकंड में 100 मीटर का सोना जीता. जबकि, 200 मीटर में से थोड़े अंतराल से मेडल चूक गईं और पांचवें नंबर पर रहीं. सोमवार को जब वे स्वदेश लौटीं तो ‘जी डिजिटल’ ने उनसे बात की. दुती चंद ने इस बातचीत में कहा कि कि यह मेडल उन लोगों को उनका जवाब है, जिन्होंने उनके निजी संबंधों पर उंगली उठाई थी. 

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बता दें कि दुती चंद ने दो महीने पहले ही माना था कि वे एक युवती के साथ रिलेशनशिप में हैं. इसके बाद दुती का परिवार ही उनके खिलाफ हो गया था. दुती के मुताबिक उन्हें घर से निकालने की भी धमकी दी जा रही थी. दुती ने हालांकि इस बारे में ज्यादा बात नहीं की. लेकिन इतना जरूर कहा कि यह मेडल उनके सभी तरह के विरोधियों को जवाब है. 

दुती के विवाद के 5 साल... 
दुती चंद पहली बार 2014 में विवादों में आई थीं. तब उन्हें यह कहकर प्रतिबंधित कर दिया गया था कि उनके शरीर में पुरषों से संबंधित हार्मोन तय सीमा से ज्यादा हैं. दुती ने इससे संबंधित केस इंटरनेशनल कोर्ट में जीता और खेल के मैदान पर वापसी की. उन्होंने 2016 में रियो ओलंपिक में भी हिस्सा लिया. हालांकि, वे यहां पदक नहीं जीत सकीं. लेकिन पिछले साल एशियन गेम्स में दो मेडल जीतकर यह जताया कि वे सिर्फ देश ही नहीं, बड़े स्तर पर भी मेडल जीतने में सक्षम हैं. इस बीच, उन्होंने इसी साल यह खुलासा किया कि वे समलैंगिक हैं. 

तनाव पर नियंत्रण के लिए योगा
हार्मोन विवाद से लेकर रिलेशनशिप विवादों के बावजूद दुती लगातार मेडल जीत रही हैं. आखिर वे इन विवादों से पैदा हुए तनाव को कैसे नियंत्रित करती हैं, कैसे अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर पाती हैं? दुती ने इसके जवाब में कहा, ‘बतौर खिलाड़ी सिर्फ फिजिकल ट्रेनिंग ही जरूरी नहीं है. मेंटल स्ट्रेंथ पर भी काम करना पड़ता है. मैं भी रोज सुबह योग करती हूं. इससे मुझे तनाव नियंत्रित करने में मदद मिलती है. साथ ही मैं अपने खेल पर फोकस कर पाती हूं.’

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अब वर्ल्ड चैंपियनशिप टारगेट 
दुती चंद ने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करना है. उन्होंने कहा कि इस चैंपियनशिप के जरिए वे ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई करना चाहेंगी. बता दें कि ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन मार्क 11.15 सेकंड हैं. यह दुती के बेस्ट प्रदर्शन (11.24 सेकंड) से भी काफी दूर है. इस बारे में दुती ने कहा कि ओलंपिक में अभी एक साल से ज्यादा वक्त है. इसलिए उनके पास तैयारी का काफी समय है. 

विदेश में ट्रेनिंग चाहती हैं 
दुती चंद ने कहा, ‘मैं हमेशा से बाहर जा कर ट्रेनिंग करने की बात करती हूं. मुझे इसकी जरूरत है. अच्छे-अच्छे कॉम्पिटिशन की जरूरत है.’ दुती ने वैसे यह भी कहा कि प्रदेश सरकार उनका भरपूर समर्थन कर रही है. बकौल दुती, ‘मेरा यह साल अभी तक अच्छा चल रहा है. मैंने बाहर जाकर ट्रेनिंग करने की प्लानिंग की है. मुझे सरकार से कितना समर्थन चाहिए, कितना कॉरपोरेट्स से समर्थन चाहिए, मैं अभी इसके बारे में सोचूंगी. ओडिशा सरकार ने साथ देने को कहा है. मैंने अपना बजट भी उनको दे दिया है. अभी बस मंजूरी मिलने का इंतजार है.’

परिवार का रिएक्शन पॉजिटिव है
दुती चंद ने बताया कि यूनिवर्सिटी गेम्स में उनकी सफलता पर परिवार का रिएक्शन पॉजिटिव रहा है. उन्होंने कहा, ‘फैमिली का रिएक्शन अच्छा था. वे लोग हमेशा ही मेरे पसंदीदा खेल को लेकर समर्थन करते आए हैं. कुछ मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं. ऐसा हर परिवार में होता है. किसी भी परिवार में लोग हर मुद्दे पर सहमत नहीं होते.’