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SAI में भ्रष्टाचार: गिरफ्तार अधिकारी जांच लंबित होने तक निलंबित, CBI के पास है मामला

साइ ने उन चर अधिकारियों को जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया जिन्हें पिछले सप्ताह सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया था.

SAI में भ्रष्टाचार: गिरफ्तार अधिकारी जांच लंबित होने तक निलंबित, CBI के पास है मामला
साइ भ्रष्टाचार मामले में आरोपित अधिकारियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने गुरुवार को अपने उन चार अधिकारियों को जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया जिन्हें पिछले सप्ताह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया था. साइ के जो अधिकारी कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त थे उनमें संजीव शर्मा (निदेशक), वी के शर्मा (अवर संभागीय लिपिक), हरिंदर प्रसाद (जूनियर लेखा अधिकारी) और ललित जोली शामिल हैं. 

साइ के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘केंद्रीय सेवा भर्ती नियमों के अनुसार इन चारों अधिकारियों को जांच लंबित रहने तक तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे एक फरवरी तो न्यायिक हिरासत में हैं और सीबीआई अपनी तरफ से जांच कर रही है. जब उन्हें जांच एजेंसी से क्लीन चिट नहीं मिल जाती तब वे निलंबित रहेंगे.’’ 

अधिकारियों के अलावा ठेकेदार भी हुए थे गिरफ्तार
इन अधिकारियों को 17 जनवरी को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम स्थित साइ मुख्यालय में छापे के दौरान गिरफ्तार किया गया था. इन चारों के अलावा दो अन्य निजी ठेकेदारों मनदीप आहूजा और उनके कर्मचारी यूनुस को भी कथित धंधे में लिप्त रहने के कारण गिरफ्तार किया गया था. आरोप लगाया गया है कि साइ के प्रशासनिक विभाग के ये अधिकारी 19 लाख रूपये के परिवहन बिल को मंजूरी देने के लिये तीन प्रतिशत हिस्से की मांग कर रहे थे. 

खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने इन अधिकारियों की गिरफ्तारी पर कहा था, ‘हमें कुछ दिन पहले खबर मिली कि हमारे खेल विभाग के कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार कर रहें हैं. हम उनका ट्रांसफर कर सकते थे, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होता. हमने यह सूचना जांच एजेंसी को दी. उन्होंने कुछ महीनों की जांच के बाद आज रेड करके खेल विभाग के कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है. उम्मीद है कि वह अपने जांच को सही अंजाम तक ले जाएंगे.’

 बतया जा रहा है कि साइ में इस तरह का भ्रष्टाचार करीब पिछले एक साल से चल रहा था. आरोपी अधिकारियों पर ऑफिस स्टेशनरी उपलब्ध करने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और फर्नीचर के लिए टेंडरों संबंधी जिम्मेदारी थी.