फुटबॉल: अधिक उम्र के खिलाड़ी उतारने के कारण विश्व कप से बाहर की गई इस देश की टीम

फीफा के मुताबिक इस देश ने क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में अपनी टीम में 2002 से पहले पैदा हुए खिलाड़ी को शामिल किया था, जो नियमों का उल्लंघन है. 

फुटबॉल: अधिक उम्र के खिलाड़ी उतारने के कारण विश्व कप से बाहर की गई इस देश की टीम

वेलिंगटन: सोलोमन आइलैंड का फीफा अंडर 17 विश्व कप में खेलने का सपना टूट गया है. फीफा (फेडरेशन इंटरनेशनल डि फुटबॉल एसोसिएशन) ने ओवरएज खिलाड़ी को उतारने के मामले में इस देश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया है. यह टूर्नामेंट अगले साल अक्टूबर में पेरू में होना है. सोलोमन आइलैंड ने अंडर-17 विश्व कप के लिए पहली बार क्वालिफाई किया था. 

ओसियाना फुटबॉल परिसंघ (ओएफसी) ने रविवार को बयान में कहा कि सोलोमन ने पिछले साल अंडर-16 टूर्नामेंट में एक जनवरी 2002 से पूर्व जन्मे खिलाड़ी को उतारकर नियमों का उल्लंघन किया. ओएफसी की अनुशासनात्मक समिति ने पाया कि सोलोमन आइलैंड ने नियमों का ‘जानबूझकर और गंभीर उल्लंघन’ किया. इस कारण फीफा अंडर-17 विश्व कप 2019 में टीम का स्थान छीन लिया गया है. 

सोलोमन आइलैंड की टीम टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड के बाद दूसरे स्थान पर रहकर अक्टूबर में पेरू में होने वाले अंडर 17 विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने में सफल रही थी. यह फैसला जल्द ही किया जाएगा कि विश्व कप में सोलोमन आइलैंड की जगह कौन लेगा. टूर्नामेंट में जगह बनाने का प्रबल दावेदार ताहिती है, जिसने क्षेत्रीय क्वालीफायर के तीसरे स्थान के प्ले आफ में फिजी को हराया था.

फीफा ने टीनएजर फुटबॉलरों को बेहतर मौके और अनुभव दिलाने के लिए निर्धारित आयुवर्ग के विश्व कप कराता है. उसने 1985 में अंडर-16 विश्व कप की शुरुआत की थी, जिसे 2008 में अंडर-17 कर दिया गया. तब से अब तक छह बार अंडर-17 आयुवर्ग के वर्ल्ड कप हो चुके हैं. उत्तर कोरिया ने सबसे अधिक दो बार यह खिताब जीता है. जबकि, जापान, स्पेन, फ्रांस और दक्षिण कोरिया एक-एक बार चैंपिन बने हैं. भारत इस टूर्नामेंट के लिए कभी भी क्वालिफाई नहीं कर सका है. 

(इनपुट: भाषा)