goddess kamakhya

Navratri special: माता का अद्भुत तीर्थस्थल, जहां रक्त ही है आशीर्वाद

ये शक्तिपीठ सतयुग से असम में स्थापित है. सतयुग में इस मंदिर के कपाट सतयुग में हर 16 साल में. द्वापरयुग में हर 12 साल में, त्रेतायुग में हर 7 साल में बंद हो जाता था लेकिन अब कलियुग में मंदिर के कपाट हर साल तीन से चार दिन के लिए बंद हो जाते है. सतयुग, त्रेतायुग और द्वापयुग में तो मंदिर के कपाट खुद ब खुद  बंद हो जाया करते थे लेकिन अब मंदिर के कपाट बंद करने पड़ते हैं.

Oct 23, 2020, 03:18 PM IST

ନବରାତ୍ରୀରେ କାମାକ୍ଷା ଦେବୀଙ୍କ ମହିମା...

ଏଠି ଦେବୀ ଦୁର୍ଗା କିମ୍ବା ମା ଅମ୍ବେଙ୍କ କୌଣସି ମୂର୍ତ୍ତି ଦେଖିବାକୁ ପାଇବେ ନାହିଁ।ମନ୍ଦିରରେ ଏକ କୁଣ୍ଡ ନିର୍ମାଣ ହୋଇଛି, ଯାହା ସବୁବେଳ ଫୁଲ ଦ୍ୱାରା ଢାଙ୍କି ହୋଇ ରହିଥାଏ। 

Oct 22, 2020, 10:57 AM IST

जानिए, कामाख्या मंदिर के 500 साल के इतिहास में क्या होने जा रहा है पहली बार

जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन के कारण असम के शक्तिपीठ कामाख्या मंदिर का प्रसिद्ध अंबुवाची मेला इस साल नहीं लगेगा. यह इसिलए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि पिछले लगभग 500 साल में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब मंदिर के सबसे बड़े पर्व में कोई बाहरी साधक शामिल नहीं होगा.

Jun 13, 2020, 03:24 PM IST

भादो माह में देवताओं को आशीर्वाद देने धरती पर आती हैं मां कामख्या, शुरू हुआ देवधानी उत्सव

असम के गुवहाटी में स्थिति कामख्या मंदिर में एक बार फिर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है. 

Aug 21, 2019, 09:33 AM IST