छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायक चैतराम अटामी ने दंतेवाड़ा में कुपोषण रोकथाम का मुद्दा उठाया. इस पर मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने बताया कि 5203 बच्चों को कुपोषण की श्रेणी में चिन्हांकित किया गया है. विधायक चैतराम अटामी ने कहा- सहायता राशि समय पर क्यों नहीं मिल पा रहा है? इस पर मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि समय-समय पर प्रदेश भर में आहार प्रदान किया जाता है. विधायक चैतराम अटामी ने कहा दंतेवाड़ा में कोई विशेष कदम उठाए जा रहा है क्या? लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि दंतेवाड़ा में टीकाकरण और जांच किया जा रहा है.
जंग के साये में जी रहे मुल्कों की लिस्ट में फिलिस्तीन और यूक्रेन का नाम सबसे आगे लिया जाता है, लेकिन यमन में भी हालात बेहद खराब है जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है.
Baran News: बारां के आदिवासी क्षेत्र शाहाबाद में कहने को तो सरकार ने दर्जनों योजना चल रही हैं, साथ ही दर्जन एनजीओ चल रहे हैं. हर माह कुपोषण मिटाने के लिए लाखो करोड़ों खर्च किए जा रहे है. लेकिन...
Baran News: बारां के शाहाबाद-किशनगंज विधानसभा क्षेत्र में सर्वे के दौरान कुपोषित बच्चों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. रोज नए कुपोषित मरीज बढ़ रहे हैं. सरकार की कल्याणकारी योजनाएं फेल नजर आ रही हैं. हर माह लाखों करोड़ों खर्च करने के बाद मासूम कुपोषण से मौत के कगार पर पहुंच रहे हैं.
Healthy Eating Tips: सिर्फ पेट भरना ही खाने का मकसद नहीं होना चाहिए. स्वस्थ रहने के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भोजन में सभी आवश्यक विटामिन्स, मिनरल्स और पोषक तत्व शामिल हों.
Baran News: बारां के आदिवासी क्षेत्र में कुपोषण लगातार बच्चों को अपना शिकार बना रहा है. परिवार अपने सामने मासूमों को दम तोड़ते देख रहे हैं. वहीं सरकार की कल्याणकारी योजना का भी लाभ नहीं हो रहा है.
Baran News: बारां जिले के आदिवासी क्षेत्र शाहाबाद में सरकार कुपोषण को लेकर लाखों करोड़ों रुपए का खर्च कर रही है. एमटीसी केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र ,मां बाडी केंद्र ओर दर्जनों एनजीओ संस्था क्षेत्र में काम कर रही हैं. लेकिन इसके बाद भी कुपोषित बच्चों की हालत में कोई सुधार नहीं दिख रहा है.
शोधकर्ताओं का मानना है कि नए उपकरणों को विकसित करना जारी रखना जरूरी है, लेकिन दृष्टिकोण बायोमेडिकल क्षेत्र तक ही सीमित नहीं होना चाहिए.
Milk Banks: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राज्य योजना के तहत राज्य के बोकारो, दुमका, हजारीबाग एवं रांची के अस्पतालों में मानव दूध बैंक यानी ह्यूमन मिल्क बैंक बनाने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने पूरी कर ली है. डॉक्टरों के मुताबिक कई माताओं को प्रसव के बाद दूध नहीं होता, इसलिए उनका नवजात स्तनपान से वंचित हो जाता है. कई ऐसे बच्चे भी हैं, जिनकी माता किसी कारणवश दुनिया में नहीं हैं. ऐसे शिशुओं को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग चार शहरों में मानव दूध बैंक बनाने जा रहा है.
Health Update: जमीनी स्तर पर कुपोषण और एनीमिया की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए इस सम्मेलन के दौरान इस क्षेत्र में हुई तकनीकी प्रगति को अपनाने पर जोर दिया गया.
अंधविश्वास (blind faith) का दंश आज आधुनिकता के युग में भी अपना साया नहीं छोड़ रहा है और अलग-अलग तरीकों के अंधविश्वास की दर्दनाक तस्वीरें अब भी सामने आ रही है. ऐसा ही एक मामला शहडोल (Shahdol) जिले के सिंहपुर कठौतिया से सामने आया है.
Balrampur News: बलरामपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में पलीता लग रहा है. यहां आनगबाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से संचालन नहीं होने से नौनिहालों को योजना का सही फायदा नहीं मिल पा रहा है.
Dungarpur News: डूंगरपुर दौरे पर प्रदेश के बीस सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष व मंत्री डॉ चंद्रभान. डॉ चंद्रभान ने जल जीवन मिशन की न्यून प्रगति व संस्थागत प्रसवों की संख्या में कमी पर नाराजगी जताई. डॉ चंद्रभान ने आईसीडीएस विभाग की समीक्षा के दौरान कुपोषण व एनीमिया के आंकड़ो पर चिंता जताई और आंकड़ो में कमी लाने के निर्देश दिए.
Rajsamand: तेरापंथ महिला मंडल कांकरोली ने निर्माण परियोजना के अंतर्गत Aid to Assisting Hands कार्यशाला का आयोजन किया है. इस कार्यशाला में वूमेंस हेल्थ और कुपोषण के बारे में विशेष जानकारी दी गई.
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत जिला पोषण अभिसरण समिति की बैठक में उपस्थित अधिकारियों को सम्बोधित किया. इस अवसर पर उन्होने कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कुपोषित बच्चों की स्थिति में सुधार लाने पर जोर दिया.
Mann ki Baat: पीएम मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में गिरिडीह में कुपोषण के रोकथाम को लेकर सांप - सीढ़ी खेल के जरिये जागरूकता अभियान चलाने की तारीफ की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर महीने की आखिरी रविवार को मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित करते हैं.
Jhunjhunu : राजस्थान में शायद ही कोई हो जिसे हिंगौनिया गौशाला में गायों की मौत के मामले की जानकारी नहीं हो, कि कैसे इस गौशाला में सैंकड़ों गायों की मौत हो गयी थी. अब झुंझुनूं के आबूसर गांव में स्थित गौशाला में गायों में कुपोषण की बात सामने आयी है.
बारां जिले के हाल में ही कुपोषण के बाद बीमार बच्ची की मौत से हड़कंप मचा हुआ है , कुपोषण से मौत की खबरें आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा मृतक 3 वर्षीय बच्ची की मां और उसकी बड़ी बहन को उपचार के लिए बारां जिला अस्पताल लाया गया है , जहां दोनों का इलाज जारी है । वही मामले में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र किशनगंज शाहाबाद के पूर्व विधायक ललित मीणा ने भी जिला अस्पताल पहुंच कुपोषित बच्ची के परिवार से मुलाकात की , इस दौरान उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार पर योजनाओं को बंद करने और कुपोषित बच्चों तक राशन नहीं पहुंचाने का आरोप लगाया।
एक तीन वर्षीय मासूम बिंदिया गोवर्धन लाल सहरिया की पुत्री की कुपोषण का उपचार नहीं मिलने से मौत हो गई. जिसके बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया.
ग्रामीण-आदिवासी अंचलों में बीमारियों का जानलेवा देशी तरीके से उपचार करने के नाम पर गर्म सलाखों से दागने का अंधविश्वास प्रचलित है. इस वजह से कई मासूम सही उपचार के अभाव में जान भी गंवा बैठते हैं, लेकिन ये कुप्रथा समाज से खत्म नहीं होती.
अब तक 100 के करीब शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनकी खुद कलेक्टर कमर चौधरी प्रभावी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की जिले भर में पहले कलेक्टर द्वारा स्क्रिनिंग करवाई गई और उसके बाद में महिला बाल विकास, महिला अधिकारिता विभाग, पंचायत राज, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग को लेकर मिशन आर्या का गठन किया गया.
UN Report On Hunger: ରିପୋର୍ଟରେ କୁହାଯାଇଛି ଯେ ସହରାଞ୍ଚଳର ଗରିବ, ବିସ୍ଥାପିତ ଜନସଂଖ୍ୟା, ଗ୍ରାମାଞ୍ଚଳର ଭୂମିହୀନଙ୍କ ସମେତ ଅଧିକାଂଶ କ୍ଷୁଦ୍ର କୃଷକଙ୍କ ଉପରେ ପୁଷ୍ଟିହୀନତାର ବିପଦ ଅଧିକ ରହିଛି ।