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Bang Ki Jang : West Bengal की Election की रणनीति पर आज शाह की बैठक होगी | West Bengal Election

Bang Ki Jang : West Bengal की Election की रणनीति पर आज शाह की बैठक होगी | West Bengal Election #WestBengal #Election #BJP Bang Ki Jang : Amit Shah मे बंगाल चुनाव पर बुलाई बैठक दिल्ली में आज दोपहर 3 बजे होगी बीजेपी की अहम बैठक बीजेपी के कई नेता शामिल होंगे बैठक में

Jan 15, 2021, 09:00 AM IST

वंदे मातरम: West Bengal Elections 2021 से पहले महापुरुषों पर रण | Mamata Banerjee | JP Nadda

वंदे मातरम: West Bengal Elections 2021 से पहले महापुरुषों पर रण West Bengal की सियासी जंग महापुरुषों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है. BJP, बंगाली संस्कृति, संस्कार और महापुरुषों के जरिए जन मानस के दिलों में जगह बना रही है लेकिन TMC को ये हजम नहीं हो रहा. विरासत पर अधिकार को लेकर दोनों पार्टियों के बीच जंग छिड़ गई है - देखिए ये रिपोर्ट #VandeMataram #WestBengalElections2021 #MamataBanerjee

Jan 14, 2021, 12:00 AM IST

बायोग्राफी: विवेकानंद करते थे मूर्ति पूजा का विरोध

विवेकानंद मूर्ति पूजा का विरोध करते थे. वहीं रामकृष्ण परमहंस मां काली के उपासक थे. रामकृष्ण ने विवेकानंद के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला था. देखिए, बायोग्राफी में कहानी स्वामी विवेकानंद की

Feb 19, 2019, 02:56 PM IST

जब शरीर छोड़ चुके रामकृष्ण ने स्वामी विवेकानंद को दिया साक्षात दर्शन

गुरु ने जिस देह त्याग से पहले जिस उद्देश्य से विवेकानंद को अपनी सारी शक्ति सौंप दी थी उसे पूरा करना ही स्वामी विवेकानंद के जीवन एकमात्र लक्ष्य था. जनवरी 1887 में गुरु भाइयों के साथ संन्यास की प्रतिज्ञा लेने के कुछ समय बाद वे उस काशी की पतित पावनी भूमि पर पहुंचे जहां के वीरेश्वर शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर उनके जन्म की कामना की गई थी. काशी में भगवान बुद्ध और आदि गुरु शंकराचार्य के क्रिया कलापों को महसूस कर उनकी आध्यात्मिक-ऐतिहासिक चेतना प्रज्ज्वलित हो गई. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 14, 2019, 08:28 PM IST

मूर्ति पूजा का विरोध करते थे विवेकानंद, बाद में मां काली से मांगा यह आशीर्वाद...

एक बार दर्द से कराहते ठाकुर को देखकर विवेकानंद के मन में आशंका घर करने लगी. जब ये कहते हैं कि आदि शक्तिरूपा मां काली इनसे बात करती हैं तो फिर ये इतनी पीड़ा क्यों झेल रहे हैं. मां इनकी मदद क्यों नहीं कर रहीं. इधर शिष्य के मन में आशंका हुई और उधर ठाकुर का शिथिल शरीर अचानक चेतना में आ गया. ठाकुर ने कहा नरेन तुझे अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है. ठाकुर के मुंह से ये बात सुनकर विवेकानंद के तो रौंगटे खड़े हो गए. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 13, 2019, 08:42 PM IST

ईश्वर के दर्शन को व्याकुल रहते थे विवेकानंद, जानें कैसे खत्म हुई उनकी यह तलाश?

रामकृष्ण परमहंस से मिलने के बाद स्वामी विवेकानंद आशंकित थे. बचपन से ही निर्भीक विवेकानंद के मन में पहली बार डर घर गया था. शुरू में रामकृष्ण परमहंस उन्हें तंत्र-मंत्र जादू करने वाले लगे लेकिन इन आशंकाओं के बीच मन में प्रेम की ऐसी लौ जगी कि दोबारा वहां जाने से खुद को रोक नहीं पाए. दूसरी बार तो विवेकानंद के साथ जो हुआ उससे उनकी दुनिया ही बदल गई. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 12, 2019, 08:21 PM IST

सामने था कोबरा लेकिन ध्यान में बैठे रहे नरेन, देखें स्वामी विवेकानंद की जीवनगाथा

जिनकी आवाज सुन दीवानी हो गई थी दुनिया, शिकागो धर्म संसद में 2 मिनट तक बजती रही तालियां. विवेकानंद की आवाज में थी साधना की जादुई शक्ति. मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे 7 हजार लोग. 'बायोग्राफी' में स्वामी विवेकानंद की जीवनगाथा. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 11, 2019, 08:07 PM IST

बायोग्राफी: विवेकानंद की आवाज में थी साधना की जादुई शक्ति

11 सितंबर 1893, अमेरिका का शिकागो शहर. (डेट बग और मैप लगाएं) दुनिया भर के विद्वान, दार्शनिक, धर्मशास्त्री, और विज्ञान के जानकार शिकागो के आर्ट पैलेस के हॉल में इकट्ठे थे. अनंत, अज्ञेय, सर्वशक्तिमान ईश्वर पर चर्चा मकसद था. इस निष्कर्ष पर पहुंचना कि ईश्वर को पाने का, ईश्वर को महसूस करने का, सत्य को साधने का सही रास्ता किस धर्म और संप्रदाय में सबसे प्रामाणिक तरीके से बताया गया है. तब पश्चिम के देश हिन्दुस्तान और हिन्दू धर्म को हिकारत की नजर से देखते थे. वे हमें पिछड़ा और अशिक्षित मानते थे. धर्म संसद में हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व करने गए स्वामी विवेकानंद को तो बोलने का टाइम भी मुश्किल से मिला था पर स्वामी जी की जब बारी आई तो उन्होंने कुछ इस तरह के संबोधन से शुरुआत की कि सब मंत्रमुग्ध हो गए.

Feb 11, 2019, 12:35 PM IST

बायोग्राफी: भगवान शिव के अंश थे स्वामी विवेकानंद !

स्वामी विवेकानंद एक ऐसी अलौकिक दिव्य आत्मा थे जिन्होंने हिन्दुस्तान की खोई अस्मिता, खोए गौरव को ढूंढकर उसे दोबारा पूरी दुनिया के सामने स्थापित किया. साथ ही समूची मानवता को एकसूत्र में पिरोने का मंत्र भी दुनिया को दिया. शिकागो धर्म सम्मेलन में दिए जिसके ओजस्वी और दिल में उतर जाने वाले भाषण ने पश्चिमी देशों में भारत को लेकर बनी धारणा ही बदल दी. देखिए, 'बायोग्राफी' में स्वामी विवेकानंद की जीवनगाथा.

Feb 11, 2019, 12:14 PM IST

भगवान शिव के अंश थे स्वामी विवेकानंद, आवाज सुन दीवानी हो गई थी दुनिया

जिनकी आवाज सुन दीवानी हो गई थी दुनिया, शिकागो धर्म संसद में 2 मिनट तक बजती रही तालियां. विवेकानंद की आवाज में थी साधना की जादुई शक्ति. मंत्रमुग्ध होकर सुनते रहे 7 हजार लोग. 'बायोग्राफी' में स्वामी विवेकानंद की जीवनगाथा. देखना ना भूलें ज़ी हिन्दुस्तान की खास पेशकश 'बायोग्राफी' सोमवार से शुक्रवार रात 10.25 बजे...

Feb 7, 2019, 08:00 PM IST

स्वामी विवेकानंद के ये 7 अनमोल विचार दूर करेंगे जीवन की निराशा

आज स्वामी विवेकानंद जी जन्मदिन हैं. उनके विचार आज भी प्रासांगिक बने हुए हैं. स्वामी जी के विचार किसी भी व्यक्ति की निराशा को दूर कर सकते हैं. उसमें आशा भर सकते हैं.

Jan 12, 2018, 10:43 AM IST

शिकागो भाषण के 125 वर्ष: स्वामी विवेकानंद के 10 प्रसिद्ध कथन

स्वामी विवेकानंद का नाम आते ही मन में श्रद्धा और स्फूर्ति दोनों का संचार होता है. युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद की वाणी में वह ओज और चेहरे में वह तेज था कि उनसे कोई प्रभावित हुए बिना रह रही नहीं सकता था. अपने 39 वर्ष के अल्प जीवन में ही उन्होंने पूरे विश्व के कोने कोने में भारत के नैतिक मूल्यों और हिंदुत्व को पहुंचाया.

Sep 11, 2017, 11:46 AM IST