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1000 साल पुराने सास-बहू मंदिर में लॉन्च होगा ये टीवी शो, इतिहास में दर्ज है नाम

 विक्रमी संवत ग्यारहवीं शताब्दी के आसपास बने सास-बहू के इन मंदिरों के बारे में अनुमान है कि मेवाड़ राजघराने की राजमाता ने विष्णु का मंदिर और बहू ने शेष नाग के मंदिर का निर्माण कराया. 

1000 साल पुराने सास-बहू मंदिर में लॉन्च होगा ये टीवी शो, इतिहास में दर्ज है नाम
(फोटो साभार- Instagram)

नई दिल्ली : बॉलीवुड से लेकर टीवी तक फिल्म इंडस्ट्री के सेट्स और लोकेशन हमेशा से चर्चा के विषय रहे हैं. इस लिस्ट में नया नाम जुड़ा है टीवी शो एक भ्रम का जिसके लॉन्च इवेंट को उदयपुर के सास-बहू मंदिर में लॉन्च किया जाएगा. बता दें कि सास बहू का मंदिर राजस्थान के उदयपुर का प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है. बहू का मंदिर, जो सास मंदिर से थोड़ा छोटा है, में आठ नक्काशीदार महिलाओं से सजायी गई छत है. एक मेहराब सास मंदिर के सामने स्थित है. इस मंदिर की दीवारों को रामायण महाकाव्य की विभिन्न घटनाओं के साथ सजाया गया है. 

अपने शो के बारे में बात करते हुए श्रेनु पारिख ने बताया कि मैं बहुत ज्यादा उत्साहित हूं. सिर्फ शो को लेकर ही नहीं बल्कि इसकी लॉन्च को लेकर भी में बहुत खुश हूं क्योंकि ये यूनिक तरीका है. उदयपुर का सास बहू मंदिर 1000 साल पुराना है. ये सिंबल है सास और बहू के बीच के रिश्ते का और ऐसा ही कुछ हमारे शो में भी दिखाया जाएगा. 

ऐसे पड़ा सास-बहू मंदिर का नाम 
मेवाड़ की प्राचीन राजधानी नागदा तो आज ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन किसी तरह से यहां सास-बहू मंदिर बचा रह गया. विक्रमी संवत ग्यारहवीं शताब्दी के आसपास बने सास-बहू के इन मंदिरों के बारे में अनुमान है कि मेवाड़ राजघराने की राजमाता ने विष्णु का मंदिर और बहू ने शेष नाग के मंदिर का निर्माण कराया. सास-बहू के द्वारा निर्माण कराए जाने से इन मंदिरों को सास-बहू के मंदिर के नाम से पुकारा जाता है. 

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भगवान विष्णु को समर्पित है मंदिर 
राजस्थान के उदयपुर से 23 किमी दूर नागदा गांव में यह मंदिर स्थित है. ये मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है. मंदिर में सबसे पहले भगवान विष्णु की स्थापना हुई थी इसलिए इसका नाम सहस्‍त्रबाहू पड़ा.  बाद में सही तरीके से न बोल पाने की वजह से प्राचीन सहस्‍त्रबाहू मंदिर सास-बहू मंदिर हो गया.