Coronavirus: महामारी का खतरा टला नहीं, फिर लॉकडाउन में ढील क्यों दे रहा है फिनलैंड

कोरोना वायरस (coronavirus) की रोकथाम के लिए उठाए गए कड़े कदमों में ढील देने वाले देशों में फिनलैंड भी शामिल हो गया है.

Coronavirus: महामारी का खतरा टला नहीं, फिर लॉकडाउन में ढील क्यों दे रहा है फिनलैंड

हेल्सिंकी: कोरोना वायरस (coronavirus) की रोकथाम के लिए उठाए गए कड़े कदमों में ढील देने वाले देशों में फिनलैंड भी शामिल हो गया है. फिनलैंड ने बुधवार को राजधानी हेल्सिंकी से लॉकडाउन हटाने की घोषणा की. 

यह घोषणा तब हुई है, जब प्रधानमंत्री सना मारिन ने स्वीकार किया है कि देश अभी महामारी के खतरे से बाहर नहीं निकला है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि कुछ क्षेत्रों में वायरस के प्रसार में तेजी देखी गई है, इसीलिए लोगों को यात्रा से बचना चाहिए.

फिनलैंड में अब तक कोरोना वायरस के 3,161 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं, 64 लोगों की मौत हुई है. देश में मरने वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या यूरोप, इटली, स्पेन और फ्रांस जैसे देशों की तुलना में कम है, लेकिन फिनलैंड में खतरा पूरी तरह टला नहीं है. ऐसे में लॉकडाउन में ढील देना नई मुसीबत को जन्म दे सकता है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और क्षेत्रों में भी हेल्सिंकी की तरह ढील दी जा सकती है. 

हालांकि फिनलैंड में स्कूल अभी भी बंद हैं और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध कायम है. स्वास्थ्य प्रमुख ने नागरिकों से बाहर जाने पर मास्क पहनने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि संक्रमण से बचने के लिए सभी का मास्क पहनना जरूरी है.

हैरानी की बात ये है कि कोरोना वायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कुछ दिन पहले फिनलैंड सरकार ने प्रतिबंधों को एक महीने तक बढ़ाने का फैसला लिया था. सरकार की तरफ से कहा गया था कि कोरोना के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए अधिकांश प्रतिबंधों को 13 मई तक बढ़ाया जा रहा है. ऐसे में एकदम से राजधानी हेल्सिंकी से लॉकडाउन हटाने का कदम चौंकाने वाला है.

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