PAK में होता है 'अल्पसंख्यकों पर अत्याचार', अमेरिका ने किया ब्लैकलिस्ट तो तिलमिलाई इमरान सरकार

पाकिस्तान ने अमेरिकी सूची में खुद को शामिल करने पर विरोध जताते हुए कहा है कि वह इसे खारिज करता है और कहा है कि पाकिस्तान में सभी धर्मो के लोगों को धार्मिक आजादी और संवैधानिक संरक्षण हासिल हैं.

PAK में होता है 'अल्पसंख्यकों पर अत्याचार', अमेरिका ने किया ब्लैकलिस्ट तो तिलमिलाई इमरान सरकार
इस्लामाबाद में विदेश विभाग के एक बयान में इस बात पर आश्चर्य जताया गया है कि सूची में 'भारत का नाम नहीं है' .फाइल फोटो

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दुनिया भर में इस बात का ढिंढोरा पीट रहे हैं कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ बुरा सलूक हो रहा है, लेकिन अमेरिका ने भारत को नहीं बल्कि पाकिस्तान को उन देशों की सूची में डाला है जो 'धार्मिक स्वतंत्रता के घोर उल्लंघन' की या तो अनदेखी करते हैं या इसमें शामिल रहते हैं. इन देशों की अमेरिकी सूची में सऊदी अरब, ईरान और चीन भी शामिल हैं. 

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग ने 18 दिसंबर को म्यांमार, चीन, इरीट्रिया, ईरान, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता कानून 1998 के तहत 'विशिष्ट चिंता वाले देशों' में शामिल किया और इसकी वजह बताया कि 'ये देश धार्मिक स्वतंत्रता के घोर उल्लंघन की या तो अनदेखी करते हैं या इसमें सुनियोजित तरीके से शामिल रहते हैं.'

अमेरिका इस कानून के तहत इन देशों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाकर इन्हें दंडित कर सकता है. अमेरिका ने 'धार्मिक स्वतंत्रता के गहन उल्लंघन' के लिए कोमोरोस, रूस, उज्बेकिस्तान को फिर से स्पेशल वॉच लिस्ट में शामिल किया है और इसमें इनके साथ क्यूबा, निकारागुआ, नाइजेरिया और सूडान को भी शामिल किया है.

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पाकिस्तान ने अमेरिकी सूची में खुद को शामिल करने पर विरोध जताते हुए कहा है कि वह इसे खारिज करता है और कहा है कि पाकिस्तान में सभी धर्मो के लोगों को धार्मिक आजादी और संवैधानिक संरक्षण हासिल हैं.

इस्लामाबाद में विदेश विभाग के एक बयान में इस बात पर आश्चर्य जताया गया है कि सूची में 'भारत का नाम नहीं है' और कहा है कि 'इससे अमेरिकी विदेश विभाग के पूर्वाग्रह का पता चल रहा है.'