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ईरान का दावा - अमेरिकी हमले की चेतावनी नहीं मिली, इसमें कोई सच्चाई नहीं

ईरान के रिवाल्युशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस इकाई के कमांडर ने शुक्रवार को कहा कि ओमान की खाड़ी के ऊपर अमेरिका के एक टोही ड्रोन को मार गिराने से पहले दो चेतावनी दी थी. 

ईरान का दावा - अमेरिकी हमले की चेतावनी नहीं मिली, इसमें कोई सच्चाई नहीं
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान पर हमला करने की कोई ‘जल्दी नहीं’ है

तेहरान: ईरान ने शुक्रवार को उस खबर को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निकट हमले को लेकर चेतावनी दी थी. इसमें ईरान गणराज्य के अमेरिकी ड्रोन विमान को मार गिराने का बदला लेने की बात कही गई थी. ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता केयवान खोसरवी ने कहा, "अमेरिका ने ईरान के लिए ओमान के जरिए ऐसा कोई संकेत नहीं भेजा."  

राज्य टेलीविजन पर जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि इसमें कोई सचाई नहीं है. विदेशी मीडिया में ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि ओमान ने ईरान को ट्रंप का एक संदेश दिया है जिसमें कहा गया था कि जब तक ईरानी गणराज्य बातचीत के लिए तैयार नहीं हो जाता तबतक अमेरिकी हमले का खतरा बना रहेगा. गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के मध्य राजनयिक संबंध नहीं है और ओमान ही दोनों देशों के मध्य बातचीत का जरिया बनता है.

अमेरिकी ड्रोन मार गिराने से पहले दो चेतावनी दी : जनरल
ईरान के रिवाल्युशनरी गार्ड्स के एयरोस्पेस इकाई के कमांडर ने शुक्रवार को कहा कि ओमान की खाड़ी के ऊपर अमेरिका के एक टोही ड्रोन को मार गिराने से पहले दो चेतावनी दी थी. ब्रिगेडियर जनरल अमिराली हाजीजादेह ने सरकारी टेलीविजन से कहा, "हमने दो बार...चेतावनी भेजी."  

हाजीजादेह ने कहा कि जिस तरह के ड्रोन को गुरुवार को मार गिराया गया, वैसे ड्रोन में भी चेतावनी एवं अन्य संदेश हजारों किलोमीटर दूर अमेरिका स्थित उसके संचालकों तक भेजने की प्रणाली होती है. उन्होंने कहा, "विमान में एक प्रणाली है जो उसे प्राप्त सिग्नल और सूचना को उसके केंद्रीय प्रणाली तक भेजने की सुविधा प्रदान करती है." 

 
ईरान पर हमला करने की ‘कोई जल्दी नहीं’: ट्रंप
उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें ईरान पर हमला करने की कोई ‘जल्दी नहीं’ है. उन्होंने खुलासा किया कि अमेरिकी बल जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार थे लेकिन बड़े पैमाने पर लोगों के हताहत होने की आशंका के मद्देनजर उन्होंने बलों को वापस बुला लिया.