इस देश में बना नया कानून, स्कर्ट पहनी महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीर लेना होगा अपराध

इस कानून की मांग को लेकर ‘अपस्कर्टिंग’ (स्कर्ट पहनी महिला की आपत्तिजनक तस्वीर लेना) की पीड़ित गिना मार्टिन के नेतृत्व में 18 महीने तक अभियान चला था.

इस देश में बना नया कानून, स्कर्ट पहनी महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीर लेना होगा अपराध
गिना मार्टिन के नेतृत्व में 18 महीने तक अभियान चला था.

लंदन: ब्रिटेन में 18 महीने के अभियान के बाद, स्कर्ट पहनी किसी लड़की या महिला की जानकारी के बिना उसकी आपत्तिजनक तस्वीर लेना अब एक पृथक अपराध बन गया है. अब इस तरह का अपराध करने वाले को दो साल के कारावास की सजा होगी और उसका नाम देश के यौन अपराध के दोषियों में जोड़ा जाएगा.

नया कानूनी प्रावधान लागू होने से पहले तक इस तरह की तस्वीर लेने वाले के खिलाफ ‘सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ कृत्य’ के तहत अभियोजन होता था. अब इस तरह के कृत्यों के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान लागू किया गया है. इस अपराध से जुड़े विधेयक को बृहस्पतिवार को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मंजूरी मिली जिसके बाद यह कानून में तब्दील हो गया.

इस कानून की मांग को लेकर ‘अपस्कर्टिंग’ (स्कर्ट पहनी महिला की आपत्तिजनक तस्वीर लेना) की पीड़ित गिना मार्टिन के नेतृत्व में 18 महीने तक अभियान चला था.

क्या है अपस्कर्टिंग?
अपस्कर्टिंग का मतलब है किसी महिला या लड़की की स्कर्ट के नीचे से उसकी सहमति के बिना फोटो खींचना. महिलाओं को अक्सर सार्वजनिक जगहों, जैसे- मेट्रो, ट्रेन, बसों या नाइट क्लब्स जैसी जगहों पर इसका सामना करना पड़ता है. लेकिन मुश्किल ये है कि इसे किसी अपराध की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता है और जाहिर सी बात है कि कोई कानून भी नहीं है.

ब्रिटेन में कैसे चला कैंपेन?
ब्रिटेन में अपस्कर्टिंग के खिलाफ जीना मार्टिन नाम की एक महिला ने कैंपेन शुरू किया था. 26 साल की जीना मार्टिन को एक म्यूजिक फेस्टिवल में अपस्कर्टिंग का सामना तब करना पड़ा था, जब उनके पीछे खड़े एक शख्स ने उनकी स्कर्ट के बीच अपना फोन रखकर फोटो खींच ली थी. जीना हैरान रह गई थीं. उन्होंने जब इसकी शिकायत पुलिस में की, तो वो ये जानकर हैरान हो गईं कि अपस्कर्टिंग कानूनी अपराध ही नहीं है.

पुलिस इसकी शिकायत पर आरोपी व्यक्ति से फोटो डिलीट करवा सकती है लेकिन इससे ज्यादा एक्शन नहीं लिया जाएगा. इसके कुछ दिन बाद उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. उन्होंने अपस्कर्टिंग को कानूनी अपराध बनाने के लिए एक ऑनलाइन पेटीशन शुरू किया, जिसके बाद उन्हें इस पेटीशन पर 50,000 लोगों के हस्ताक्षर मिले. इसमें सामने आया कि 10 साल की कम उम्र तक की लड़कियों को भी अपस्कर्टिंग जैसे यौन अपराध का सामना करना पड़ता है.

जीना मार्टिन ने अपने इस कैंपेन शुरू करने के फैसले पर कहा कि ‘मुझे लगा कि ये गलत है. लेकिन मैं ये जानकर हैरान थी कि अपस्कर्टिंग एक यौन अपराध नहीं है. मैं ये सबके लिए बदलना चाहती थी क्योंकि ये बहुत सी छोटी चीज है कि हम हम इतने सक्षम हो कि अपने मर्जी से कपडे पहनें और कोई और हमारी मर्जी के बिना हमारी तस्वीरें न लें.’

अपस्कर्टिंग भले ही बहुत गंभीर अपराध न लगे लेकिन इसका असर काफी गहरा होता है. आपको कोई भी अजनबी इंसान आपकी मर्जी के बगैर छूकर गुजर जाए और आपके कपड़ों की वजह से आपको सेक्सुअल ऑब्जेक्ट समझकर आपकी अश्लील तस्वीरें लें, इससे मानसिक तौर पर काफी असर पड़ता है.