श्रीलंका: जिस आतंकी ने होटल में किया था धमाका, उसकी पत्नी और बहन को दूसरे हमलावर ने उड़ाया

श्रीलंकाई पुलिस ने यहां एक अदालत को बताया कि शंगरीला होटल में धमाका करने वाले आत्मघाती हमलावर की पत्नी और बहन उत्तरी कोलंबो के उपनगरीय इलाके में एक दो म‍ंजिला इमारत में हुए आत्मघाती धमाके में तब मारी गईं

श्रीलंका: जिस आतंकी ने होटल में किया था धमाका, उसकी पत्नी और बहन को दूसरे हमलावर ने उड़ाया
फोटो साभारः Reuters

कोलंबो: श्रीलंकाई पुलिस ने यहां एक अदालत को बताया कि शंगरीला होटल में धमाका करने वाले आत्मघाती हमलावर की पत्नी और बहन उत्तरी कोलंबो के उपनगरीय इलाके में एक दो म‍ंजिला इमारत में हुए आत्मघाती धमाके में तब मारी गईं जब कंक्रीट का मलबा उन पर गिर गया. डेली मिरर की खबर के मुताबिक पुलिस ने कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट को यह भी बताया कि शंगरीला होटल के आत्मघाती हमलावर की पहचान इंसान सीलावन के तौर पर हुई है जो अविस्सावेल्ला-वेल्लापिटिया रोड पर एक फैक्ट्री का मालिक था.

रविवार को हुए आठ धमाकों में 290 लोगों की जान चली गई थी जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हो गये थे. पुलिस का एक दल डेमातागोडा के ओरुगोदावट्टा क्षेत्र के दो मंजिला एक घर में जब जांच के लिए पहुंचा तक वहां मौजूद एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया. इस विस्फोट में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. पुलिस ने अदालत को बताया कि शंगरीला होटल के आत्मघाती हमलावर की पत्नी और बहन की मौत इस धमाके में हुई. 

श्रीलंका हमला: आज आधी रात से आपातकाल लागू करने की घोषणा
श्रीलंका में रविवार को हुए कई आत्मघाती बम धमाकों के बाद देश ने सोमवार को रात में कर्फ्यू लगाने का नया आदेश जारी किया है. रविवार को हुए धमाकों में 290 लोगों की मौत हुई है 500 लोग घायल हुए हैं. सोमवार सुबह अधिकारियों ने पहले से लागू कर्फ्यू को हटा दिया था, जिसके कुछ घंटे बाद फिर से कर्फ्यू लगाने का फैसला किया गया है. सरकार के सूचना विभाग ने बताया, ‘‘आज सुबह छह बजे पुलिस कर्फ्यू हटा लिया गया था, लेकिन सोमवार रात आठ बजे से इसे फिर से लागू कर दिया जायेगा जो अगले दिन सुबह चार बजे तक जारी रहेगा.’’

राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की एक बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया. राष्ट्रपति की मीडिया इकाई के बयान के अनुसार एनएससी ने आधीरात से सशर्त आपातकाल लगाने का निर्णय लिया है. बयान के अनुसार यह उपाय आतंकवाद को निशाना बनाने के लिए उठाया गया है, इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बाधित नहीं होगी.

इनपुट भाषा से भी