24 घंटे में खत्म हुई विकास दुबे की कहानी! उज्जैन से कानपुर तक की पूरी जानकारी

'विकास दुबे कानपुर वाले' का एनकाउंटर कैसे हुआ? इस सवाल का जवाब हर कोई जानना चाहता है. आपको इस खूंखार खूनी के एनकाउंटर की पूरी कहानी से जुड़ी एक-एक जानकारी आपको देते हैं कि कैसे 24 घंटे में विकास दुबे का खेल खत्म हो गया..

24 घंटे में खत्म हुई विकास दुबे की कहानी! उज्जैन से कानपुर तक की पूरी जानकारी

नई दिल्ली: कानपुर में 2 जुलाई की रात में 8 पुलिसवालों का सीना गोलियों से छलनी करने वाले गैंग्स ऑफ बिकरू का पूरी तरह द एंड हो चुका है. उज्जैन से कानपुर लाए गए विकास दुबे ने अपने गुनाहों की माफी मांगने की बजाय, फिर से वही गलती दोहरा दी जो उसने कानपुर शूटआउट के वक्त की थी. लेकिन इस बार उसका टाइम खराब था.

विकास दुबे का एनकाउंटर और 24 घंटे में खेल खत्म

विकास को कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही पुलिस की गाड़ी रास्ते में पलट गई, जिसमें विकास दुबे बैठा था. हादसे के बाद मौका देखकर घायल विकास दुबे ने भागने की कोशिश की. पुलिस की लाइसेंसी पिस्टल छीनकर विकास ने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी. लेकिन एसटीएफ के कमांडो ने उसे ढेर कर दिया और इस तरह खाकी को छलनी करने का बदला पुरा हुआ.

अपराध के 'विकास' के अंतिम 24 घंटे

एक अपराधी जिसको पिछले 7 दिनों से यूपी पुलिस की 100 टीमें तलाश रही थी. जिसके सरेंडर के हर मुमकिन ठिकानों पर पुलिस-प्रशासन की नजर थी. 24 घंटे में विकास दुबे का खेल खत्म हो गया.

9 जुलाई, 7:30 AM
उज्जैन- महाकाल मंदिर में देखा गया

9 जुलाई सुबह साढ़े सात बजे कानपुर वाला कुख्यात विकास दुबे भगवान शंकर की शरण में रहम की गुहार लगाने के लिए उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचा. उसे सबसे पहले महाकाल मंदिर के गार्ड ने पहचाना. उसके बाद उसने पुलिस को इस बात की सूचना दी. खबर मिलते ही उज्जैन पुलिस मौके पर पहुंची.

9 जुलाई,  8:15 AM
उज्जैन- महाकाल मंदिर से गिरफ्तार

लेकिन महाकाल के दरबार में शायद उसकी सजा तय हो चुकी है. 8 पुलिस वालों की बर्बर हत्या का अपराध इतना बड़ा है कि महाकाल ने भी विकास दुबे को शरण देने से इनकार कर दिया. और वो अपने गुनाहों की सज़ा पाने के लिए पुलिस की गिरफ़्त में आ गया.

विकास दुबे उज्जैन में महाकाल मंदिर से बाहर निकला ही था कि उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

9 जुलाई, 7:15 PM
मध्य प्रदेश पुलिस ने यूपी STF को सौंपा

फिल्मी अंदाज़ में हुई गिरफ्तारी के बाद एमपी पुलिस ने विकास दुबे से शुरुआती पूछताछ के बाद उस करीब शाम 7 बजे उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स को हैंडओवर कर दिया था.

9 जुलाई, 7:30 PM
यूपी STF विकास को लेकर कानपुर रवाना

जिसके बाद विकास दुबे को लेकर यूपी एसटीएफ का काफिला उज्जैन से कानपुर के लिए रवाना हुआ थाय

10 जुलाई, 3:13 AM
झांसी होते हुए जालौन पहुंचा पुलिस का काफिला

उज्जैन से रवाना हुई यूपी एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर रात 3 बजकर 13 मिनट पर झांसी के रक्सा टोल प्लाजा पर पहुंची थी. यहां से भी ये काफिला बिना रुके तेजी से आगे बढ़ गया था. यूपी एसटीएफ के यहां पहुचने से पहले ही सुरक्षा को चाक चौबंद रखा गया था.

उज्जैन से झांसी होते हुए ये काफिला जालौन पहुंचा. यहां से भी बिना रुके काफिला आगे बढ़ा. जालौन के आटा टोल प्लाजा से विकास दुबे को लेकर एसटीएफ टीम की गाड़ियां कालपी का यमुना पुल पार कर कानपुर देहात की सीमा में प्रवेश कर गयी थी.

10 जुलाई, 7 AM
कानपुर के बर्रा में विकास दुबे की गाड़ी पलटी

सुबह सात बजे से पहले ही एसटीएफ की गाड़ियां गैंगस्टर विकास दुबे को लेकर कानपुर पहुंच गयी थी. कानपुर पहुंचने से पहले ही विकास दुबे को अदालत में पेश करने और पूछताछ की तैयारी कर ली गयी थी. इस बीच कानपुर के बर्रा में विकास दुबे की गाड़ी पलट गई.

10 जुलाई ,7.05 AM
पुलिस से हथियार छीनने की कोशिश

गाड़ी पलटने के बाद 8 पुलिसकर्मियों का कातिल विकास दुबे ने यहां भी अपराध दोहराने की कोशिश की. उसने हथियार छीनने की कोशिश की.

10 जुलाई, 7.07 AM
विकास ने भागने की कोशिश की

10 जुलाई,7.15 AM
विकास दुबे का एनकाउंटर

10 जुलाई, 7.50 AM
विकास को अस्पताल ले जाया गया

10 जुलाई, 8.15 AM
डॉक्टर ने विकास को मृत घोषित किया

तो गुनाह के पुजारी विकास दुबे का पुलिस ने ऐसे खात्मा कर दिया. विकास की करतूत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब उसे गिरफ्तार किया गया था तो वो चीख-चीखकर कह रहा था कि 'मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला..' इससे ये समझना मुश्किल नहीं है कि उसकी ऐसी ही करतूत ने उसे जहन्नुम भेज दिया.

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