• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 2,83,407 और अबतक कुल केस- 8,20,916: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 5,15,386 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 22,123 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 62.42% से बेहतर होकर 62.78% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 19,873 मरीज ठीक हुए
  • आईसीएमआर: पिछले 24 घंटों में 2.83+ लाख नमूनों की जांच की गई, कुल परीक्षणों की संख्या 1.10 करोड़ के पार हुई
  • कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार की रणनीति हेतु MoHFW ने TIFAC द्वारा तैयार श्वेत पत्र जारी किया
  • आईआईटी दिल्ली के स्टार्टअप "चक्र इनोवेशन" ने N95 मास्क को संक्रमण मुक्त करने वाले ‘Chakr DeCoV’ को लॉन्च किया
  • एएसआई के स्मारकों में फ़िल्म शूटिंग करने के लिए 15 दिन के अंदर मिलेगी इजाजत
  • विशेष तरलता योजना (एसएलएस) ट्रस्ट की निवेश समिति ने वाणिज्यिक पत्र में 200 करोड़ रुपये तक के निवेश को मंजूरी दी
  • MSDE ने सभी क्षेत्रों में कुशल कार्यबल की मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने के लिए एआई-आधारित ASEEM डिजिटल मंच की शुरूआत की
  • मछली उत्पादन और उत्पादकता से जुड़ी महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने के लिए 20,050 करोड़ रुपये के निवेश के साथ PMMSY की शुरुआत

मां जगदंबा से दिल की बात, पीएम मोदी की आध्यात्मिकता का राज

मां की ममता में अपार शक्ति होती है, तभी तो पीएम मोदी ने मां जगदंबा को अपने दिल की बात बताने के लिए खत का सहारा लिया. इसी तरह से मां प्रेम पीएम मोदी के अध्यात्म का राज बन गया...

मां जगदंबा से दिल की बात, पीएम मोदी की आध्यात्मिकता का राज

'मां' ये शब्द जितना छोटा है, उतना ही विशाल इस अर्थ होता है. मां को परिभाषित करने के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं है, क्योंकि मां का प्रेम और मां की ममता दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है. यही वजह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में अगर किसी से सबसे ज्यादा प्रेम है तो वो मां से ही है.

पीएम मोदी का मां प्रेम सिर्फ उनकी अपनी मां से नहीं बल्कि कुल तीन माताओं से अपार प्यार और जुड़ाव है, जिसे कोई लाख कोशिश करके भी उनके मन से कम वहीं कर सकता है. पहला तो धरती मां यानी भारत माता से पीएम मोदी का प्रेम, दूसरा देवी मां यानी माता जगदंबा के प्रति प्रधानमंत्री की श्रद्धा और तीसरा अपनी माता हीराबेन के प्रति PM मोदी का प्यार किसी से छिपा नहीं है.

हर रात किस मां के नाम खत लिखते थे पीएम मोदी

आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के नेतृत्व को देखते हुए पूरी दुनिया भारत का लोहा मान रहा है. लेकिन क्या आपको अपने देश के प्रधानमंत्री का एक सीक्रेट मालूम है? युवा अवस्था में पीएम नरेंद्र मोदी देवी मां के लिए हर रात खत लिखते थे. ये वाकई एक रहस्य है, लेकिन अगले महीने इस रहस्य से पर्दा उठ जाएगा.

दरअसल, जून माह में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की नई  किताब 'Letters to Mother' रिलीज होने वाली है. आपको बता दें, फिल्म समीक्षक भावना सोमाया मे इस किताब का ट्रांसलेशन किया है. जानकारी ये भी है कि हार्पर कॉलिन्स प्रकाशक इस किताब की प्रति (ई-बुक और हार्डबैक) के रूप प्रकाशित करेगा.

मां के प्रति पीएम मोदी की श्रद्धा, प्रेम और आस्था के बारे में पूरी दुनिया जानती है. आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवी मां के प्रति आस्था से रूबरू करवाते हैं, फिर इस किताब से जुड़ी अन्य जानकारी देंगे.

40 सालों से नहीं टूटा है उपवास का नियम

पीएम मोदी के मन में मां प्रेम को समझने के लिए इस बात को जानना चाहिए कि बीते 40 वर्षों से पीएम मोदी का व्रत नहीं टूटा है. दरअसल, पीएम मोदी चैत्र और शारदीय नवरात्र का व्रत रखना कभी नहीं भूलते हैं. लेकिन पीएम के उपवास की सबसे खास बात ये होती है कि प्रधानमंत्री सिर्फ नवरात्र के प्रतिपदा और नवमी ही व्रत नहीं, बल्कि पूरे 9 दिनों तक इस व्रत का कड़ाई से पालन करते हैं. ऐसे में पीएम मोदी के मन में देवी मां के प्रति श्रद्धा का इससे बड़ा सबूत कोई और नहीं होगा.

युवा मोदी के इस स्वरूप को समझिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो किताब आने वाली है, वो मां के नाम पत्र पर आधारित है. तो क्या आपको इस बात की जरा भी जानकारी है कि पीएम मोदी रोजाना देवी मां के नाम पत्र लिखे बिना नहीं सोते थे. देवी में को पीएम मोदी जगत जननी के नाम से पुकारते हैं. लेकिन हैरानी की बात तो ये है कि उस वक्त कुछ ही माह में पीएम मोदी उन पन्नों को फाड़ देते थे, जिसपर वो जगत जननी के नाम पत्र लिखा करते थे. हालांकि, साल 1986 में एक डायरी के कुछ पन्ने बचे रह गए.

मां जगदंबा से पीएम मोदी के दिल की बात

जब कोई सवालों से उलझ जाता है और उसे जवाब नहीं मिलता है तो मां हर समस्या का निदान कर देती हैं. ही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मां जगदंबा से दिल की बात करने की ठानी, इसके लिए खत को जरिया बनाया. इन सभी खत के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ये बताया कि ये सिर्फ एक प्रयास है साहित्यिक लेखन की ओर... पीएम ने ये भी कहा कि मैं कोई लेखक नहीं हूं. हर कोई अभिव्यक्ति चाहता है. ऐसे में कलम और कागज के अलावा भला कोई दूसरा क्या विकल्प होगा?

जगत माता की श्रद्धा में लीन हो जाते हैं पीएम

गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी हर वर्ष देवी मां की आराधना करने जाते थे. उनकी श्रद्धा का अंदाजा लगाने के लिए अमेरिका की एक याद ही काफी है, जब साल 2014 में पीएम मोदी नये-नये प्रधानमंत्री बने थे. सितंबर के महीने में वो अमेरिका दौरे पर गए हुए थे. उस वक्त पीएम मोदी व्रत थे. हालांकि, इस बात की जानकारी शायद ही किसी को रही होगी.

लेकिन नवरात्र के अवसर पर ऐसा हुआ, जो उस वक्त पबरी दुनिया की मीडिया में सुर्खियां बन गई. दरअसल, पीएम मोदी के सम्मान में उस वक्त के अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस में दावत का आयोजन किया थाय लेकिन अपने उपवास का पालन करते हुए पीएम ने वहां सिर्फ नींबू पानी पीकर दावत को कामयाब बनाया. ये देखकर ओबामा सोच में डूब गए. लेकिन मां के प्रति श्रद्धा से बढ़कर कुछ नहीं ये कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबित कर दिया है.

हर रात जगत जननी देवी मां को खत में प्रधानमंत्री आखिर क्या लिखते थे ये हर कोई जानना चाहता है. जून में ये किताब 'लेटर्स टू मदर' आ जाएगी. किताब में कई अलग बातें समझने को मिलेंगी, लेकिन पीएम मोदी का मां प्रेम किसी से नहीं छिपा है. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अध्यात्म का सबसे बड़ा राज यही है, जिसे उन्होंने मां प्रेम से हासिल किया.