वकीलों पर भी केजरीवाल सरकार की दरियादिली

दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने में अब चंद ही महीने बाकी रह गए हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जमकर रेवड़ियां बांटने में लगे हुए हैं. बुधवार को उन्होंने किसानों के साथ वकीलों पर भी सौगातों की बौछार की है.   

वकीलों पर भी केजरीवाल सरकार की दरियादिली
वकीलों के लिए दिल्ली सरकार की कई घोषणाएं

नई दिल्ली: दिल्ली में  आम आदमी पार्टी की सरकार ने वकीलों पर अपना चिर परिचित सस्ती बिजली का दांव चला है. इसके अलावा उन्हें और भी कई तरह सुविधाएं देने का ऐलान किया गया है. 

वकीलों को मिलेगी सस्ती बिजली
दिल्ली सरकार के प्रस्ताव  के मुताबिक दिल्ली सरकार की तरफ से वकीलों को चेंबर के लिए घरेलू दर पर बिजली दी जाएगी. जो कि पहले व्यावसायिक रेट पर मिलती थी. वकीलों  को भी घरेलू उपभोक्ताओं की तरह ही दो सौ यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलेगी. इस बात का ऐलान करते हुए केजरीवाल ने कहा कि 

'दिल्ली के सभी कोर्ट परिसर में वकीलों के जो चैंबर हैं, उन चैंबर पर अभी तक बिजली पर कमर्शियल रेट लगते थे. कैबिनेट ने उसे बदल दिया है. अब वकीलों के चैंबर पर उपयोग की गई बिजली पर कमर्शियल की जगह घरेलू रेट लगेंगे. घरेलू कनेक्शन में बिजली के 200 यूनिट तक बिजली फ्री मिलती है और 400 यूनिट तक आधा रेट लगता है.  यह सभी फायदे अब वकीलों को भी अपने चैंबर में मिलेंगे. वकीलों की लंबे समय से यह मांग थी.'

वकीलों को केजरीवाल देंगे और भी कई तोहफे
वकीलों को सस्ती बिजली के अलावा  और भी कई तरह के तोहफे दिए जाएंगे. 
वकीलों व उनके परिजनों के लिए 5 लाख का मेडिक्लेम दिया जाएगा. 
वकील के लिए 10 लाख का लाईफ इंश्योरेंस होगा.
महिला वकीलों के लिए क्रेच की सुविधा दी जाएगी. 
साथ ही अब वकीलों को दिल्ली के न्यायालयों में ई लाईब्रेरी की सुविधा मिलेगी. 

वकीलों के लिए बेहद अहम है ई-लाइब्रेरी सुविधा
दिल्ली सरकार के वेलफ़ेयर फ़ंड के ख़र्च को ले कर बनी समिति ने सभी छह जिला अदालतों में ई-लाइब्रेरी सुविधाओं को स्थापित करने की सिफारिश की थी. जिसे दिल्ली कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है. 

इसके बाद अब दिल्ली के जिला न्यायालयों में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को अपने मामलों और तर्कों को तैयार करने के लिए आवश्यक अधिनियमों, नियमों और केस कानूनों के कानूनी अनुसंधान करने में समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. 

समिति ने 10 न्यायालयों, तीस हजारी कोर्ट, पटियाला हाउस कोर्ट, कड़कड़डूमा कोर्ट, साकेत कोर्ट, द्वारका कोर्ट और रोहिणी कोर्ट में 10 कंप्यूटरों के साथ पूरी तरह से ई-जर्नल, अपने वेब संस्करणों के साथ ई-लाइब्रेरी सुविधाओं की स्थापना का प्रस्ताव किया था.  जिसमें SCC ऑनलाइन, दिल्ली लॉ टाइम्स आदि के साथ-साथ हेवी ड्यूटी प्रिंटर शामिल हैं. 

ये प्रस्ताव दिल्ली कैबिनेट ने मान लिया है.

10 महीने पुरानी है वकीलों  की मांग
इसी साल फरवरी में वकीलों ने दिल्ली  सरकार से वेलफेयर स्कीम की मांग की थी. जो कि आज पूरी हो गई. 12 फरवरी 2019 को देशभर के वकीलों ने चिकित्सा सुविधा व पेंशन योजना को लेकर अदालतों में हड़ताल रखी थी. उसी दिन वकीलों के एक प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर अपनी मांगे रखी थीं. जिसे केजरीवाल ने पूरा करने का आश्वासन दिया था. 

इसी के बाद दिल्ली सरकार के बजट में वकील वेलफेयर के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया.