देश में किन लोगों को नहीं लगेगी वैक्सीन?

आज ही देश में कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि किन लोगों को इस टीकाकरण की प्रकिया से बाहर रखा गया है. वैक्सीन लगने के बाद लोगों को किस तरह की समस्याएं आ सकती हैं. वैक्सीन लगने के बाद भी लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jan 16, 2021, 04:13 PM IST
  • क्या होगी टीकाकरण की प्रक्रिया?
  • किन लोगों को नहीं लगेगी वैक्सीन?
  • क्या हो सकते हैं वैक्सीन के दुष्प्रभाव
देश में किन लोगों को नहीं लगेगी वैक्सीन?

नई दिल्ली: देशभर में आज वैक्सीन लगने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद खुशी की लहर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोरोना वैक्सीन लांच की है. अभी भारत में दो वैक्सीनें टीकाकरण के लिए जारी की गई हैं. पहली है भारत बायोटेक और आइसीएमआर (ICMR) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई कोवैक्सीन और दूसरी है सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) द्वारा तैयार की गई कोविशील्ड. वैक्सीन लांच के पहले दिन भारत में तीन लाख स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वैक्सीन लगवा सकेंगे.

भारत सरकार ने जुलाई महीने तक भारत की 30 करोड़ जनता के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके बाद देश के अन्य लोगों के टीकाकरण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी. इस बीच बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जो वैक्सीन नहीं लगवा सकेंगे. भारत सरकार ने कुछ लोगों को अभी टीकाकरण की प्रक्रिया से बाहर रखा है. आइए जानते हैं, वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया में किस तरह की सावधानी बरती जानी चाहिए तथा किन लोगों को अभी यह वैक्सीन नहीं दी जाएगी.

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किस तरह की सावधानी बरतें

टीकाकरण की प्रक्रिया में अभी हर व्यक्ति को वैक्सीन की दो डोज लगायी जाएंगी. वैक्सीन (Vaccine) की एक डोज लगाये जाने के बाद 14 दिनों के अंतराल के बाद वैक्सीन का दूसरा डोज लगाया जायेगा.

वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया में यह ध्यान रखा जाना बहुत आवश्यक है कि एक व्यक्ति को कोरोना वैक्सीन के जो दो डोज दिये जाएं, वे दोनों एक ही उत्पादक द्वारा तैयार की गए हों. जैसे एक व्यक्ति को यदि पहला डोज कोवैक्सीन का दिया गया है, तो दूसरा डोज भी कोवैक्सीन का ही दिया जाएगा.

किन्हें नहीं लगेगी वैक्सीन

अभी सिर्फ 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग ही टीकाकरण का लाभ उठा सकेंगे. 18 वर्ष की कम आयु के लोगों को वैक्सीन नहीं दी जाएगी.

जिन लोगों में कोविड-19 के लक्षण वर्तमान में मौजूद हैं, उन्हें भी अभी वैक्सीन नहीं दी जाएगी.

अभी गर्भवती महिलाओं पर इन टीकों का परीक्षण नहीं किया गया है. अभी भारत सरकार के पास ऐसे कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है कि इन महिलाओं को वैक्सीन देने पर उन पर किस तरह के प्रभाव देखने को मिलेंगे.  इसलिए अभी गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन नहीं दी जाएगी. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि देश में हर साल लगभग 30 लाख महिलाएं गर्भवती होती हैं.

गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो लोग रक्त स्त्राव की समस्या से पीड़ित हैं अथवा उन्हें पहले कभी इस तरह की समस्या रही है, उन्हें बहुत ही सावधानी के साथ कोरोना वैक्सीन दी जानी चाहिए.  

ऐसे लोग जिन्हें किसी भी प्रकार की एलर्जी जैसे खाद्य पदार्थों से एलर्जी, इंजेक्शन (injection) से एलर्जी की समस्या है, उन्हें भी वैक्सीन लेने से मना किया गया है.   

ऐसे लोग जो पहले कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और उन्हें प्लाज्मा थेरेपी (Plasma Therapy) अथवा मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दी गई हैं, उन्हें भी कोरोना वैक्सीन नहीं दी जाएगी.

ऐसे लोग जो वर्तमान में किसी भी प्रकार के रोग से पीड़ित हैं और अस्पताल में भर्ती हैं, उन्हें भी फिलहाल कोरोना वैक्सीन नहीं दी जाएगी.  

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क्या हो सकते हैं वैक्सीन के दुष्प्रभाव

कोविशील्ड (Covishield) के दुष्प्रभाव

  • कोविशील्ड वैक्सीन के दुष्प्रभावों के बारे में बात करें, तो वैक्सीन लगने के बाद व्यक्ति को इंजेक्शन की जगह पर हल्की सूजन की शिकायत हो सकती है.
  • इसके साथ ही हल्के सिरदर्द, हल्के बुखार, जुकाम और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या भी हो सकती है.
  • इस तरह की समस्याएं सामने आने पर डॉक्टर व्यक्ति को कुछ सामान्य दवाएं दे सकता है.

कोवैक्सीन (Covaxin) के दुष्प्रभाव

  • इंजेक्शन के स्थान पर हल्की सूजन और दर्द की समस्या हो सकती है.
  • व्यक्ति को हल्का बुखार आ सकता है.
  • व्यक्ति को वैक्सीन लगने के बाद थोड़ी देर तक थकान भी महसूस हो सकती है.
  • व्यक्ति को हल्के सिरदर्द की भी समस्या हो सकती है.
  • कुछ लोगों को वैक्सीन लगने के बाद बदन दर्द की समस्या भी हो सकती है.
  • व्यक्ति को वैक्सीन लगने के बाद पेटदर्द की समस्या भी हो सकती है.
  • कुछ लोगों के वैक्सीन लगने के बाद चक्कर आने की समस्या भी हो सकती है.
  • वैक्सीन लगने के बाद दुष्प्रभाव के रूप में लोगों को काफी पसीना भी आ सकता है.
  • कुछ लोगों को हल्की खांसी एवं जुकाम की समस्या से भी जूझना पड़ सकता है.

हालांकि कोवैक्सीन तैयार करने वाली कंपनी भारत बायोटेक का दावा है कि इस वैक्सीन के पहले एवं दूसरे चरण के परीक्षण में लोगों में किसी भी प्रकार के गंभीर दुष्प्रभाव नहीं सामने आये थे.

समस्या होने पर क्या करें

यदि आप इनमें से कोई भी टीका लगवाते हैं और आपको इनमें से किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो आप तुरंत अपने आस-पास के डॉक्टर (Doctor) से संपर्क करें.

वैक्सीन से जुड़ी किसी भी प्रकार की जानकारी लेने के लिए आप हेल्पलाइन नं. 1075 पर संपर्क कर सकते हैं.

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