• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 86,422 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,73,763: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 82,370 जबकि अबतक 4,971 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • रेलवे ने अपील की है कि रोगग्रस्त व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, दस वर्ष से छोटे बच्चे, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोग रेल यात्रा से बचें
  • 31 मई, 2020 की सुबह 8:00 बजे से रेलगाड़ियों के अग्रिम आरक्षण की अवधि को 30 दिन से बढ़ा कर 120 दिन किया जाएगा
  • कोविड -19 से लड़ने और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सा उपकरणों और इनपुट पर सीमा शुल्क से छूट
  • लॉकडाउन के बीच 3530 रेकों के जरिए 98+ LMT खाद्यान्न की ढ़ुलाई हुई: FCI
  • 584 लाइफलाइन उड़ानों ने ने 5,40,985 किलोमीटर की दूरी तय कर 935 टन मेडिकल और आवश्यक कार्गो का परिवहन किया
  • PMJAY से संबंधित प्रश्नों के उत्तर पाने हेतु आयुष्मान भारत व्हाट्सएप नंबर 9868914555 पर मास्टर आयुष्मान से पूछें
  • आईआईटी मद्रास ने कोविड-19 के लक्षणों का शीघ्र पता लगाने के लिए कलाई ट्रैकर का विकास किया
  • सूरत स्मार्ट सिटी कोविड-19 के प्रबंधन और कंटेनमेंट के लिए प्रमुख आईटी पहल की

झूठा चीन छिपा रहा है आंकड़े, वहां 1.5 करोड़ लोगों के मरने की आशंका है!!

कोरोना वायरस औऱ इसके प्रभाव पर चीन लगातार झूठ बोलता हुआ दिख रहा है. हाल में ऐसा खुलासा हुआ है कि चीन के कोरोना प्रभावित वुहान प्रांत में लगभग 1.5 करोड़ मोबाइल यूजर गायब हो चुके हैं. इससे ये शक होता है कि कहीं ये लोग वायरस के शिकार तो नहीं हो गए हैं.   

झूठा चीन छिपा रहा है आंकड़े, वहां 1.5 करोड़ लोगों के मरने की आशंका है!!

नई दिल्ली: न्यूयॉर्क में रहने वाली हांगकांग की ब्लॉगर जेनिफर जेंग ने सनसनीखेज खुलासा किया है. उन्होंने मोबाइल यूजर्स के डाटा के आधार पर जो तथ्य सामने रखे हैं, वो डरा देने वाले हैं. 

1.46 करोड़ लोगों की मौत की आशंका
जेनिफर जेंग चीन की मोबाइल कंपनी चाइना मोबाइल द्वारा रिलीज आंकड़े के आधार पर बताया है कि जनवरी और फरवरी महीने में कंपनी के 8.116 मिलियन यानी 81 लाख मोबाइल यूजर्स गायब हो गए. 

चीन की ही एक दूसरी कंपनी चाइना यूनीकॉम के जनवरी के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी महीने में 1 मिलियन यानी 10 लाख मोबाइल यूजर गायब हो गए हैं. 

चीन की एक और बड़ी मोबाइल सर्विस प्रदाता कंपनी चाइना टेलीकम्यूनिकेशन का आंकड़ों के मुताबिक फरवरी महीने में उसके 5.6 मिलियन यानी 56 लाख यूजर गायब हैं. 

इन तीनों मोबाइल कंपनियों के आंकड़ों को मिला दिया जाए तो यह 1.46 करोड़ होता है. यानी चीन में लगभग डेढ़ करोड़ मोबाइल यूजर गायब हैं. आखिर ये लोग कहां हैं. क्या ये कोरोना वायरस के शिकार हो गए हैं?

चीन दावा कर रहा है कि उसके यहां कोरोना वायरस के मात्र 3270 लोगों की मौत हुई है. तो फिर ये बाकी के लोग कहां गायब हैं?
  

लगातार झूठ बोल रहा है चीन 

चीन में जब से कोरोना का प्रकोप बढा है. तब से चीन इसे छिपाने की कोशिश में लगा हुआ है. चीन लगातार झूठ बोलकर अपने यहां कोरोना की खबरों को छिपाने की कोशिश करता रहा है. लेकिन इसकी वह से स्थिति ज्यादा गंभीर होती चली गई. चीन ने शुरुआत में ही कोरोना के पहले मरीज को लगभग 3 सप्ताह तक छिपाया था. करीब तीन हफ्ते तक चीन ने कोरोना के पहले मरीज के बारे में दुनिया को जानकारी नहीं दी.

पहले भी टेन्सेन्ट कंपनी के आंकड़ों से भारी संख्या में मौत का शक था
पिछले महीने चीन की कंपनी टेनसेंट की एक रिपोर्ट लीक हुई थी, जिसमें कोरोना से मरने वालों की संख्या 24 हजार 589 बताई गई थी. लीक रिपोर्ट में 1 लाख 54 हजार लोगों के संक्रमित होने का दावा किया गया था, जबकि संदिग्ध मरीजों की संख्या 79 हजार 808 बताई गई थी. चीन की कंपनी की ये रिपोर्ट सरकारी आंकड़ों से 10 गुना ज्यादा थी. 

ऐसा अनुमान है कि कोडिंग की गड़बड़ी की वजह से टेनसेंट का यह असली डेटा ऑनलाइन लीक हो गया. जबकि कुछ लोगों का मानना है कि टेनसेंट में काम करने वाले किसी आदमी ने जानबूझकर असली डेटा लीक किया है ताकि दुनिया को चीन में कोरोना की सच्चाई और वहां के हालात का पता चल सके.

हालांकि, इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के कुछ समय बाद कंपनी ने अपने आंकड़े बदल दिए और नया सरकारी आंकड़ा जारी कर दिया गया. एक और रिपोर्ट ने चीन की चोरी और चालाकी को उजागर किया है.

सैटेलाइट तस्वीरों ने भी पैदा किया था शक   
फरवरी के पहले सप्ताह में चीन के वुहान और चोंगक्विंग शहरों की कुछ ऐसी सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं. जिससे पता चलता है कि इन दो जगहों पर भारी मात्रा में कुछ जलाया गया. क्योंकि इन दोनों इलाकों के उपर भारी मात्रा में सल्फर डाई ऑक्साईड गैस दिखाई दे रही है. वुहान के वायुमंडल सल्फर डाइऑक्साइड का स्तर  1700 यूजी/घन मीटर है, जो सामान्य से 21 गुना ज्यादा थी.
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी भारी मात्रा में सल्फर डाई ऑक्साईड गैस तभी निकलेगी, जब लाशें जलाई जाएं.

इन दोनों शहरों के उपर फैली सल्फर डाई ऑक्साईड की मात्रा को देखकर इंटेलवेब नाम की संस्था ने अनुमान लगाया  कि इन इलाकों में कम से कम 14 हजार शव जलाए गए हैं. चीन के सोशल मीडिया पर भी ये वायरल हो रहा है कि वुहान के बाहरी इलाकों में लोगों के शव जलाए गए. सल्फर डाई ऑक्साईड वुहान और चोंगक्विंग शहरों के उपर फैली दिखाई दी. ये दोनों शहर बुरी तरह कोरोना वायरस की चपेट में थे. इनकी दूरी 900 किलोमीटर है.

इन तस्वीरों से पता चलता है कि चीन में भारी संख्या में लोगों की मौत हुई है. जिस पर से अब धीरे धीरे पर्दा उठ रहा है.