चीन के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत शांडोंग का जलावतरण

चीन ने पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत शांडोंग का जलावतरण किया है. इस एयरक्राफ्ट कैरियर का जलावतरण चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने किया. शांडोंग की क्षमता 36 फाइटर एयरक्राफ्ट की है.

चीन के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत शांडोंग का जलावतरण

नई दिल्ली: चीन ने 17 दिसंबर को अपने दूसरे विमानवाहक पोत का दक्षिण चीन सागर से जलावतरण किया. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक एयरक्राफ्ट कैरियर पर टहल रहे हैं वो चीन का नया नवेला विमानवाहक पोत शांडोंग है.

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चीन ने दक्षिण चीन सागर पर अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए इस एयरक्राफ्ट कैरियर का जलावतरण किया है. हालांकि दक्षिण चीन सागर पर बीजिंग के दावे का अमेरिका और दूसरे देश विरोध करते रहे हैं.

चीन का पहला स्वदेश विमानवाहक पोत

एयरक्राफ्ट कैरियर का नाम शांडोंग प्रांत के नाम पर रखा गया है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दक्षिण चीन सागर स्थित सान्या से इसका जलावतरण किया. ये चीन का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत है.

शांडोंग एयरक्राफ्ट कैरियर चीन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. चीन के पास पहले से लिओनिंग नाम का एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद है. लिओनिंग की क्षमता 24 फाइटर एयरक्राफ्ट की है. जबकि शांडोंग लिओनिंग के मुकाबले काफी बड़ा है. शांडोंग की क्षमता 36 फाइटर एयरक्राफ्ट की है.

चीन तेजी से विमानवाहक पोतों का निर्माण कर रहा है जो भारत के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है.

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आधिकारिक मीडिया के अनुसार चीन अगले कुछ वर्षों में पांच से छह एयरक्राफ्ट कैरियर चाहता है. जबकि भारत की नौसेना के पास फिलहाल 'आईएनएस विक्रमादित्य' नाम का एक विमानवाहक पोत है. और दूसरा विमानवाहक पोत 'आईएनएस विक्रांत' कोच्चि में बनाया जा रहा और 2022 तक नौसना की सेवा में शामिल होने की उम्मीद है.

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