BPSC: पहली मुस्लिम महिला DSP बनी Razia Sultan, कुल 4 मुस्लिम उम्मीदवारों को मिली कामयाबी

जानकारी के मुताबिक रजिया के पिता मोहम्मद असलम अंसारी स्टील प्लांट में स्टेनोग्राफर को तौर पर काम करते थे. जिनकी साल 2016 में मौत हो चुकी है.

BPSC: पहली मुस्लिम महिला DSP बनी Razia Sultan, कुल 4 मुस्लिम उम्मीदवारों को मिली कामयाबी
फाइल फोटो

नई दिल्ली: हाल ही में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 64 वीं परीक्षा नतीजों का ऐलान किया गया है. जिसमें बिहार के धनबाद की बेटी रजिया सुल्तान (Razia Sultan) ने इतिहास रच दिया है. रज़िया सुल्तान बिहार की पहली मुस्लिम महिला डीएसपी बनी हैं. जो अपने आप में एक बड़ी बात है. रजिया सुल्तान गोपालगंज (Gopalganj) जिले के हथुआ से ताल्लुक रखती हैं. रजिया का परिवार अब भी बोकारो में रहता है.

बीपीएससी (BPSC) में सिर्फ 40 उम्मीदवारों को डीएसपी पद के लिए चुना गया है. जिनमें से 4 मुस्लिम भी हैं. इन्हीं चार उम्मीदवारों में से एक रज़िया सुल्तान भी हैं. एक खबर के मुताबिक रज़िया सुल्तान फिलहाल बिहार के बिजली मेहकमा में सहायक अभियंता के पद काम कर रही हैं. यानी अब रज़िया सुल्तान बिजली मेहकमे को अलविदा कहेंगी और बिहार पहली मुस्लिम महिला डीएसपी बनकर तीराख रकम करेंगी. 

यह भी देखिए: अमेरिकी मुस्लिम सांसद ने US और Israel को लेकर दिया बड़ा बयान, यहूदी सांसद हुए नाराज

जानकारी के मुताबिक रजिया के पिता मोहम्मद असलम अंसारी स्टील प्लांट में स्टेनोग्राफर को तौर पर काम करते थे. जिनकी साल 2016 में मौत हो चुकी है. इस खुशी भरे मौके पर रजिया की मां का कहना है कि रज़िया की कामयाबी हमारी कामयाबी है और इससे हमारा सीना फख्र से चौड़ा हो गया है. उनका कहना है कि उन्हें जिंदगी में पहली सबसे बड़ी खुशी मिली है. 

रजिया सुल्तान का पूरा परिवार बोकारो में ही रहता है. ऐसे में रजिया की कामयाबी पर उनके परिवार ने खुशी जाहिर की है. साथ ही उनके गांव में बेटी की इस कामयाबी के लिए खुशी का माहौल और लोग रज़िया व उनके परिवार वालों को बधाइयां दे रहे हैं. रजिया ने साल 2009 में 10वीं और साल 2011 में 12वीं की परीक्षा की थी. उनकी पढ़ाई लिखाई की बात करें को तो उन्होंने बोकारो पब्लिक स्कूल में ही हासिल की. 

ZEE SALAAM LIVE TV